नारायणपुर | Narayanpur Crime News : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हुई एक घटना ने फिर से हमें सोचने पर मजबूर कर दिया है। ओरछा विकासखंड के एक आश्रम में पढ़ने वाली छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म का मामला सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारी उस व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है, जो बच्चों की सुरक्षा का दावा करती है।
Narayanpur Crime News : जब यह छात्रा जून 2025 के आखिरी सप्ताह में अपने आश्रम लौटी, तो उसका व्यवहार असामान्य था। यह असामान्य व्यवहार ही वह चिंगारी थी जिसने एक बड़े राज को उजागर किया। आश्रम प्रबंधन की सजगता ने जब जांच करवाई, तो पता चला कि वह गर्भवती है।
यह मामला सिर्फ एक युवक की हैवानियत का नहीं, बल्कि हमारी समाज की उस विफलता का भी है, जहाँ एक लड़की अपने दर्द को साझा करने में इतना समय लेती है। ग्रीष्म अवकाश के दौरान हुई यह घटना उसके दिल में कितनी खामोशी और डर भर गई होगी, यह हम सिर्फ सोच सकते हैं।
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इस घटना के बाद, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कर ली है। लेकिन, सवाल सिर्फ आरोपी को सजा दिलाने का नहीं है। सवाल यह है कि हम अपने बच्चों को ऐसी स्थितियों से लड़ने के लिए कितना सशक्त बना रहे हैं? आश्रम, स्कूल और हमारे घर, क्या ये वाकई बच्चों के लिए सुरक्षित पनाहगाह हैं?
इस घटना ने हमें एक बार फिर याद दिलाया है कि हमें सिर्फ कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हमें समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ानी होगी, ताकि कोई भी बच्चा, चाहे वह कहीं भी हो, अपने दर्द को छिपाने के लिए मजबूर न हो।













