नागपंचमी 2025 : नई दिल्ली। 29 जुलाई को मनाई जाने वाली नाग पंचमी का इस साल विशेष महत्व है। 44 साल बाद यह पर्व पांच दुर्लभ योगों के साथ आ रहा है, जो इसे अत्यंत शुभ बना रहा है। हिंदू धर्म में नाग पंचमी को भगवान शिव और नाग देवता की विशेष पूजा का दिन माना जाता है। इस बार मंगला गौरी व्रत और नाग पंचमी एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे यह दिन और भी फलदायी बन गया है।
पांच शुभ संयोग जो इस बार बन रहे हैं:
- मंगला गौरी व्रत और नाग पंचमी का संयोग
- शुभ मुहूर्त सुबह 5:40 से 8:20 बजे तक
- कालसर्प दोष निवारण का उत्तम समय
- राहु-केतु की पूजा के लिए सर्वोत्तम दिन
- भैरव पूजन से संकट निवारण का योग
क्या करें इस नाग पंचमी पर
- घर के मुख्य द्वार पर गोबर या मिट्टी से नाग की आकृति बनाएं, और उसे विधिवत पूजें। इससे आर्थिक स्थिति सुधरती है और कालसर्प दोष दूर होता है।
- शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करें, शिव मंत्रों और नाग गायत्री का जाप करें। यह स्वास्थ्य और समृद्धि में वृद्धि करता है।
- राहु-केतु के मंत्रों का जाप करें। इससे जीवन में आने वाले ग्रहदोष शांत होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है।
- भैरव बाबा की पूजा करें और उन्हें कच्चा दूध अर्पित करें। इससे पुराने संकटों का नाश होता है और आत्मबल बढ़ता है।
- धार्मिक स्थानों पर झाड़ू-पोछा लगाएं या सफाई करें, खासतौर पर शिव मंदिर में। यह एक बेहद प्रभावी उपाय माना जाता है जिससे जीवन की रुकावटें दूर होती हैं।













