निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी जैसी मस्जिद’ के निर्माण की घोषणा ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के प्रमुख और पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार से इस परियोजना के औपचारिक निर्माण की शुरुआत करने की बात कही, जिसके बाद बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
कुरान तिलावत के साथ निर्माण शुरू करने का दावा
हुमायूं कबीर के अनुसार मस्जिद निर्माण कार्य दोपहर 12 बजे शुरू किया गया, जबकि सुबह 10 बजे से लगभग 1000–1200 मौलाना, मुफ्ती और धर्मगुरुओं द्वारा कुरान की तिलावत की गई। यह मस्जिद बेलडांगा में नेशनल हाईवे-12 के किनारे प्रस्तावित है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि अब तक केवल लगभग 6 करोड़ रुपये का चंदा जुटने की जानकारी सामने आई है।
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योगी आदित्यनाथ का कड़ा बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का सपना देखने वालों का यह सपना “कयामत तक भी पूरा नहीं होगा”। उन्होंने इसे कानून और आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए अवसरवादी राजनीति करार दिया।
हुमायूं कबीर का पलटवार और कार मार्च का ऐलान
योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा कि मस्जिद का निर्माण निजी जमीन पर हो रहा है और इसका विरोध अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिए जा रहे हैं तथा उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। विरोध के जवाब में उन्होंने 12 फरवरी से 235 किलोमीटर लंबा कार मार्च निकालने की घोषणा की है।
कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा सख्त
विवाद के बीच कबीर के रिश्तेदार पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े आरोपों में 10 से 18 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की खबर सामने आई है, जिसे कबीर ने निराधार बताया। वहीं संभावित तनाव को देखते हुए मुर्शिदाबाद में पुलिस हाई अलर्ट पर है और विभिन्न संगठनों ने विरोध मार्च की चेतावनी दी है। यह विवाद आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और राष्ट्रीय विमर्श दोनों पर असर डाल सकता है।













