Mukhyamantri Annadoot Yojana : ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना’ ग्वालियर में बड़ी लापरवाही और धांधली की शिकार हो गई है। आरोप है कि जिला खाद्य आपूर्ति विभाग (District Food Supply) और मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MP State Civil Supplies Corporation) की मिलीभगत से इस योजना का लाभ युवाओं की जगह ठेकेदारों को पहुंचाया जा रहा है।
Mukhyamantri Annadoot Yojana : लाइसेंसशुदा अन्नदूतों की जगह ठेके पर चल रहे वाहन
योजना के तहत जिन युवाओं को अन्नदूत परिवहनकर्ता के रूप में लाइसेंस दिए गए हैं, उनके स्थान पर अब उनके वाहन ठेके पर संचालित हो रहे हैं। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है। रिपोर्ट के अनुसार, अन्नदूतों की जगह उनके ड्राइवरों द्वारा ये वाहन चलाए जा रहे हैं, जिससे सरकार का मूल उद्देश्य पूरी तरह विफल हो रहा है।
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मामला: ग्वालियर के बरुआ गांव में स्थित मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन से खाद्यान्न सामग्री को गाड़ियों में भरकर उचित मूल्य की दुकानों (राशन की दुकानें) तक पहुँचाया जाता है। इसी परिवहन कार्य में यह अनियमितता सामने आई है।
मीडिया को देख भागे ड्राइवर, अधिकारी चुप
जब मीडिया टीम मौके पर पहुँची और इन अनियमितताओं को कवर करने की कोशिश की, तो ड्यूटी पर मौजूद ड्राइवर तुरंत अपने वाहन लेकर भाग गए।
इस पूरे मामले पर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है और किसी भी सवाल का जवाब देने से बच रहे हैं। यह चुप्पी उनकी संलिप्तता की ओर इशारा कर रही है।
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बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना अब कुछ ठेकेदारों और अधिकारियों के लिए लाभ कमाने का जरिया बन गई है, जिससे योजना की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उच्च स्तरीय जाँच की माँग की जा रही है ताकि योजना को उसके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचाया जा सके।














