भोपाल: मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से जुड़ी सैकड़ों वक्फ संपत्तियों में नियमों के उल्लंघन और करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद EOW ने पूर्व अध्यक्ष शौकत मोहम्मद खान, तत्कालीन सचिव फुरकान अहमद और सह-सचिव मोहम्मद जबुरे के खिलाफ FIR दर्ज की है।
185 संपत्तियों में अनियमितताएँ
जांच में पता चला कि 2013 से 2018 के बीच, शौकत मोहम्मद खान के अध्यक्ष रहते हुए गठित “इंतज़ामिया कमेटी औकाफ आम्मा, भोपाल” के कार्यकाल में वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन नियमों के विपरीत किया गया। कुल 185 संपत्तियों को अत्यंत कम किराए पर लीज या किरायेदारी दी गई, जिससे वक्फ बोर्ड को हर साल करीब 2.54 करोड़ रुपये की हानि हुई।
नियमों की अवहेलना
EOW की रिपोर्ट में कहा गया है कि वक्फ अधिनियम 1995 और वक्फ संपत्ति पट्टा नियम 2014 एवं 2015 का पालन नहीं किया गया। संपत्तियों को लीज पर देने के लिए बोर्ड की अनुमति, सार्वजनिक सूचना और पारदर्शी बोली प्रक्रिया की अनदेखी की गई। कई मामलों में पुराने किरायेदारों को हटाकर नए लोगों को सीधे पट्टे दिए गए, जबकि कागजों में इसे “किरायेदारी परिवर्तन” बताया गया।
आर्थिक और कानूनी नुकसान
185 संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 83,390 वर्गफुट है, जिनकी कुल कीमत लगभग 59 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों से सालाना 2.76 करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन केवल 21 लाख रुपये किराया वसूल हुआ। इसके अलावा कई संपत्तियों पर बिना अनुमति निर्माण कार्य कराए गए।
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FIR में दर्ज धाराएँ
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की कानूनी कार्रवाई जारी है।













