भोपाल :मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से अब तक कुल 56,128 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार द्वारा किए गए जिलेवार विश्लेषण में सामने आया है कि इन घटनाओं के पीछे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक कारण प्रमुख रूप से जिम्मेदार रहे हैं। आंकड़े प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति की ओर संकेत कर रहे हैं।
डिप्रेशन और पारिवारिक कलह प्रमुख कारण
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 14 प्रतिशत मामलों में डिप्रेशन आत्महत्या का प्रमुख कारण रहा। वहीं 11 प्रतिशत मामलों में लंबी बीमारी से परेशान होकर लोगों ने यह कदम उठाया।
सबसे अधिक घटनाएं पारिवारिक कलह से जुड़ी बताई गई हैं। घरेलू विवाद, रिश्तों में तनाव और सामाजिक दबाव जैसी परिस्थितियों ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया।
नशा और आर्थिक तंगी भी बड़ी वजह
करीब 9 प्रतिशत मामलों में नशे की लत से परेशान होकर लोगों ने आत्महत्या की। पिछले चार वर्षों में लगभग 5,000 लोगों ने नशे के कारण अपनी जान गंवाई।
इसके अलावा 7 प्रतिशत मामलों में कर्ज और आर्थिक तंगी जिम्मेदार रही। लगभग 4,000 लोगों ने आर्थिक दबाव और कर्ज के बोझ के चलते आत्महत्या की।
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अकेलापन और असफल प्रेम प्रसंग
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 5 प्रतिशत मामलों में अकेलापन एक बड़ी वजह बना। वहीं 4 प्रतिशत मामलों में प्रेम प्रसंग में असफलता के चलते लोगों ने यह कदम उठाया।
मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों को केवल अपराध या सामाजिक समस्या के रूप में नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के संकट के तौर पर देखने की जरूरत है। जागरूकता, समय पर काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। समय पर सहायता जीवन बचा सकती है।











