Thursday, September 10, 2026
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इजराइल-ईरान जंग के चलते मध्य-पूर्व एयरस्पेस बंद, भारत में 1 दिन में की 500 फ्लाइट कैंसिल, अलर्ट मोड में DGCA

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  ईरान और इजराइल के बीच जारी सैन्य टकराव का असर अब वैश्विक विमानन सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। शनिवार को हुए हमलों के बाद मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके चलते दुनियाभर की हजारों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं।

भारत भी इस संकट से अछूता नहीं है। कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

DGCA की निगरानी, मंत्रालय ने जारी की सलाह

नागरिक विमानन मंत्रालय और महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (DGCA) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। DGCA के अनुसार, 28 फरवरी को 410 उड़ानें रद्द की गईं, जबकि 1 मार्च को 444 उड़ानों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।यात्रियों को एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या हेल्पलाइन से जांचने की सलाह दी गई है।

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एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर, वैकल्पिक व्यवस्था तैयार

देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वैकल्पिक लैंडिंग, भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी एयरलाइनों के साथ समन्वय बनाकर संचालन को सुचारु रखने की कोशिश कर रहे हैं।मंत्रालय का यात्री सहायता कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय है और शिकायतों के त्वरित समाधान पर काम कर रहा है।

एयरसेवा पर बढ़ीं शिकायतें

28 फरवरी को एयरसेवा पोर्टल पर 216 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 105 से अधिक शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि सभी विभाग मिलकर प्रभावित यात्रियों को समय पर सहायता प्रदान करेंगे।

वैश्विक विमानन क्षेत्र पर बढ़ता दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की लागत और यात्रा समय दोनों में बढ़ोतरी हो सकती है। एयरस्पेस बंद होने से कई रूट बदलने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन खर्च और परिचालन लागत पर असर पड़ रहा है।

ईरान-इजराइल युद्ध का असर सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव अब वैश्विक विमानन व्यवस्था और आम यात्रियों की दिनचर्या पर भी पड़ने लगा है।

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