भोपाल: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार आज विधानसभा में राज्य का पहला पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बजट पेश करने जा रही है। अनुमान है कि बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। यह बजट केवल वर्ष 2026-27 तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगले तीन वर्षों का विकास खाका भी प्रस्तुत करेगा, जिसे ‘विकसित एमपी 2047’ के लक्ष्य से जोड़ा जा रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा पैकेज
सरकार बेरोजगारी कम करने के उद्देश्य से 50 हजार नई सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। साथ ही कौशल विकास, स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं को भी विस्तार मिलने की संभावना है, जिससे युवाओं को आर्थिक अवसर मिल सकें।
किसानों के लिए सिंचाई और योजनाओं पर फोकस
कृषि क्षेत्र के लिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान की उम्मीद है। इसमें नई सिंचाई परियोजनाएं, भावांतर योजना को मजबूती और जैविक खेती को बढ़ावा शामिल हो सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
सरकार 1.40 करोड़ बच्चों को मिड-डे मील और आंगनवाड़ी के माध्यम से UHT तकनीक वाले टेट्रा पैक दूध देने की योजना ला सकती है। वहीं ‘सीएम केयर’ योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 2000 करोड़ रुपये खर्च कर सुपर स्पेशियलिटी, कार्डियक और कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
पर्यटन, शहरी विकास और मेट्रो को बढ़ावा
उज्जैन से खजुराहो तक 12 प्रमुख स्थलों को वेलनेस और आस्था पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। साथ ही शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए करीब 5000 करोड़ रुपये और भोपाल मेट्रो की ऑरेंज व ब्लू लाइन को गति देने के लिए अतिरिक्त संसाधन दिए जा सकते हैं।













