रीवा। रीवा एयरपोर्ट के पास अवैध कॉलोनी विकसित करने में चर्चित भू-माफिया विंड ग्रुप एक बार फिर सुर्खियों में है। नगर निगम द्वारा की गई सख्त कार्यवाही के बाद अब यह ग्रुप ग्रामीण इलाकों की ओर रुख करता दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, शहरी सीमा से सटे रायपुर जनपद के पहाड़िया गांव में भू-माफिया ने स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर शासकीय तालाब हड़पने की योजना बनाई और उसे कानूनी रूप देने के लिए रजिस्टर्ड अनुबंध तक करा लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़िया ग्राम क्रमांक 365 में स्थित रानी सागर तालाब का रकबा लगभग 32 एकड़ है, जो राजस्व अभिलेखों में आम निस्तार, श्मशान भूमि और हरदौल बाबा मंदिर के रूप में दर्ज है। इस भूमि को बचाने के लिए ग्रामीणों ने पहले ही उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अदालत ने इस मामले में 15 मार्च 2024 को स्थगन आदेश जारी किया था। इसके बावजूद विंड ग्रुप ने 18 सितंबर 2025 को संपदा-2 के माध्यम से अनुबंध कराया, जो पूरी तरह विधि-विरुद्ध बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफिया ने यह अनुबंध रजिस्ट्रार रीवा और कुछ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से कराया है। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल न्यायालय के आदेश की अवहेलना है, बल्कि सरकारी संपत्ति को हड़पने का सीधा प्रयास है। इस अवैध कार्रवाई से गांव के लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
मामले को लेकर सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और भू-माफिया, स्थानीय प्रभावशाली लोगों व दोषी राजस्व अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। ग्रामीणों ने कलेक्टर से आग्रह किया कि रजिस्टर्ड अनुबंध को तत्काल निरस्त किया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
पूर्व सरपंच ऋषि पांडे ने कहा कि “गांव की जनता ने इस तालाब को हमेशा आम उपयोग के लिए सुरक्षित रखा है। अब कुछ लोग धनबल और सत्ता के सहारे इसे हड़पना चाहते हैं। जब तक तालाब और मंदिर को बचाने की कार्रवाई नहीं होती, गांव का आंदोलन जारी रहेगा।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन और कानूनी लड़ाई दोनों तेज करेंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित अभिलेखों को खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।









