इंदौर। Indore Police Action: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियानों के तहत हीरानगर थाना पुलिस को एक बहुत बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के व्यस्त आईएसबीटी एमआर-10 (ISBT MR-10) क्षेत्र से घेराबंदी कर एक ऐसे कुख्यात और शातिर तस्कर को धर दबोचा है, जिसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी और एनडीपीएस जैसे 31 गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
आईएसबीटी एमआर-10 क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
पुलिस कमिश्नरेट इंदौर द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में हीरानगर थाना पुलिस की टीम अपने क्षेत्र में गश्त और संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान आईएसबीटी एमआर-10 के पास एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर घबराकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिसकर्मियों ने अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए तुरंत घेराबंदी की और उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया।
पकड़े गए संदिग्ध की जब सघन तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 11.03 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स (MD Drugs) बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय अवैध बाजार में जब्त किए गए इस मादक पदार्थ की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने ड्रग्स को विधिवत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और थाने ले आई।
शातिर बदमाश का लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपी की पहचान रोहित उर्फ चिकना पुत्र रामप्रसाद फुलेरिया, निवासी भागीरथपुरा (इंदौर) के रूप में हुई है। हीरानगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के दौरान जब पुलिस ने आरोपी का विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। रोहित उर्फ चिकना कोई साधारण तस्कर नहीं, बल्कि शहर का एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ सांवेर, परदेशीपुरा, एमआईजी, बाणगंगा, महात्मा गांधी रोड, विजय नगर, सेंट्रल कोतवाली और हीरानगर सहित विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, मारपीट, चोरी, अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) और एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 31 गंभीर अपराध दर्ज हैं।
इस पूरी बड़ी सफलता और कार्रवाई पर जानकारी देते हुए एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट इंदौर का मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह ड्रग्स वह किसे सप्लाई करने वाला था और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।