पुणे। पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा नमाज पढ़े जाने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक और सांप्रदायिक विवाद तेज़ हो गया है। भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने हिंदू संगठनों के साथ मिलकर उस स्थान का गौमूत्र से शुद्धिकरण कराया और शिव वंदना की। उन्होंने कहा कि शनिवार वाड़ा नमाज़ पढ़ने की जगह नहीं है और यह मराठा साम्राज्य का प्रतीक है।
सांसद कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने वहां भगवा झंडा फहराने की कोशिश भी की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोका। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक गतिविधियों को वक्फ संपत्ति में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी शनिवार वाड़ा को वीरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि नमाज़ सिर्फ मस्जिद में होनी चाहिए।
वहीं विपक्ष ने भाजपा की कार्रवाई को धार्मिक नफरत फैलाने वाला कदम करार दिया। एनसीपी नेता रूपाली पाटिल थोम्बरे ने मेधा कुलकर्णी पर मजहबी तनाव भड़काने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज करने की मांग की। एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि केवल तीन-चार मुस्लिम महिलाओं द्वारा जुमा की नमाज पढ़ने पर इतनी नाराज़गी क्यों। उनका कहना है कि शनिवार वाड़ा एएसआई संरक्षित स्थल है और वहां सभी के जाने का हक है।
हिंदू बांधवांसह शनिवार वाडा येथील नमाज पठण झालेल्या ठिकाणी शिववंदनेने शुद्धीकरण !
मराठेशाहीच्या सुवर्ण क्षणांचा साक्षीदार असलेल्या ऐतिहासिक शनिवार वाड्यामध्ये नमाज पठणाचा अलीकडेच उघडकीस आलेला प्रकार अत्यंत संतापजनक आहे. या कृतीचा निषेध करण्यासाठी व पुण्याचे सामाजिक स्वास्थ्य… pic.twitter.com/uOErSBe5wz
— Dr. Medha Kulkarni (@Medha_kulkarni) October 19, 2025
पुणे पुलिस ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की शिकायत पर नामजद महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगे की कार्रवाई एएसआई के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
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यह विवाद पुणे में सांप्रदायिक तनाव और धार्मिक भावनाओं के मामले को लेकर राजनीतिक बहस का नया मोड़ लेकर आया है, जिसमें प्रशासन और राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी निगाहें टिकी हैं।











