MP Mandi Act: एमपी में लागू हुआ नया कृषि मंडी अधिनियम-2026, व्यापारियों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ, भूखंड-लीज नियमों में बड़े बदलाव

Anuj Nirala

MP Mandi Act: भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की कृषि मंडियों में लंबे समय से चली आ रही व्यवस्थागत विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 17 वर्ष पुराने कृषि मंडी अधिनियम-2009 को समाप्त कर कृषि मंडी अधिनियम-2026 लागू कर दिया है। नए कानून के लागू होने के बाद मंडियों में भूखंड आवंटन, गोदामों की लीज, दुकान हस्तांतरण और लाइसेंसधारी व्यापारियों से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर कृषि व्यापारियों पर पड़ेगा और मंडियों में कारोबार पहले की तुलना में अधिक महंगा होने की संभावना है।

छह महीने की तैयारी के बाद लागू हुआ नया कानून

सरकार ने करीब छह महीने तक नियमों की समीक्षा और संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद नया अधिनियम लागू किया है। इसका उद्देश्य मंडी संचालन में पारदर्शिता लाना, भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और लंबे समय से लंबित लीज नवीनीकरण के मामलों का समाधान करना बताया गया है। सरकार का दावा है कि इससे मंडियों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।

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एक लाइसेंसधारी को मिलेगा सिर्फ एक भूखंड

MP Mandi Act: नए अधिनियम के तहत अब किसी भी अनुज्ञप्तिधारी (लाइसेंसधारी) व्यापारी को मंडी में केवल एक ही भूखंड आवंटित किया जाएगा। पहले एक से अधिक भूखंड रखने की स्थिति में उत्पन्न होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए यह प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे संसाधनों का समान वितरण होगा और अधिक व्यापारियों को अवसर मिल सकेगा।

भूखंड और गोदाम की लीज हुई महंगी

कृषि मंडी अधिनियम-2026 के तहत मंडी समिति द्वारा 30 वर्ष की लीज पर दिए जाने वाले भूखंड और गोदामों के लिए 40 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित की गई है। इसके अलावा दुकान या भूखंड का हस्तांतरण (ट्रांसफर) भी अब पहले की तुलना में अधिक महंगा होगा। इससे व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

पुराने लीजधारकों पर भी लागू होंगे नए नियम

MP Mandi Act: सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले से आवंटित भूखंडों और गोदामों का लीज नवीनीकरण भी अब कृषि मंडी अधिनियम-2026 के तहत ही किया जाएगा। यानी पुराने अनुबंधों के नवीनीकरण में भी नए नियम और नई दरें लागू होंगी। इससे वर्षों से लंबित लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया भी अब आगे बढ़ सकेगी।

गोदाम आवंटन का रास्ता हुआ साफ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप नए कानून के लागू होने से मंडी समितियों के भूखंड और गोदामों के आवंटन का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से रुके आवंटन और नवीनीकरण के मामलों का समाधान अब नए प्रावधानों के तहत किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मंडियों में निवेश बढ़ेगा और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

व्यापारियों ने जताई बढ़ते खर्च की चिंता

MP Mandi Act: नए अधिनियम को लेकर मंडी व्यापारियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि लीज दरों में वृद्धि, दुकान ट्रांसफर की बढ़ी लागत और नए शुल्कों के कारण कारोबार का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर कृषि व्यापार पर भी पड़ सकता है। वहीं सरकार का तर्क है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, अनियमितताओं पर रोक लगेगी और मंडी प्रशासन अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा।

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सरकार का दावा—पारदर्शी और व्यवस्थित होगी मंडी व्यवस्था

MP Mandi Act: सरकार का कहना है कि कृषि मंडी अधिनियम-2026 केवल शुल्क बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि मंडियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। आने वाले समय में इस कानून के जरिए मंडियों में भूमि आवंटन, लीज प्रबंधन और कृषि व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

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