MP National Parks Closed: मध्यप्रदेश नेशनल पार्क बंद होने को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। जंगल सफारी और वन्यजीवों को करीब से देखने का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए अब समय कम बचा है। प्रदेश के 10 नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व 1 जुलाई 2026 से मानसून के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे। पर्यटक 30 जून की शाम तक सफारी का आनंद ले सकेंगे।
वन विभाग के नियमों के अनुसार मध्यप्रदेश नेशनल पार्क बंद रखने का फैसला हर साल मानसून के दौरान लिया जाता है। जुलाई से लेकर सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह तक अधिकांश कोर एरिया में पर्यटकों की एंट्री बंद रहेगी। हालांकि कुछ पार्कों के बफर जोन में सीमित सफारी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
मानसून में क्यों बंद किए जाते हैं जंगल?
मध्यप्रदेश नेशनल पार्क बंद करने के पीछे कई अहम कारण हैं। बारिश के मौसम में वन्य जीवों का प्रजनन और मेटिंग का समय होता है। ऐसे समय में जानवरों को शांत और सुरक्षित माहौल देने के लिए इंसानी आवाजाही कम कर दी जाती है।इसके अलावा लगातार बारिश की वजह से जंगल के कच्चे रास्ते खराब हो जाते हैं, जिससे सफारी वाहनों की आवाजाही मुश्किल और जोखिम भरी हो सकती है। इसी दौरान वन विभाग पौधरोपण और जंगल संरक्षण से जुड़े जरूरी काम भी करता है।
Read more: MP Weather Alert: मध्यप्रदेश में 50 Kmph की रफ्तार से चलेगी हवा, रतलाम-बालाघाट में गर्मी तो कई जिलों में बरसेंगे बादल
जून का महीना सफारी के लिए सबसे खास
वन्यजीव प्रेमियों के लिए मध्यप्रदेश नेशनल पार्क बंद होने से पहले जून का महीना बेहद खास माना जाता है। अप्रैल और मई की तेज गर्मी के बाद प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई जंगली जानवर खुले इलाकों में नजर आने लगते हैं।इस समय टाइगर, चीता और तेंदुआ जैसे बड़े वन्यजीवों को देखना आसान हो जाता है। पानी और भोजन की तलाश में ये जानवर जंगल के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रहते हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतरीन वन्यजीव अनुभव मिलता है।
30 जून तक बना सकते हैं सफारी का प्लान
अगर आप जंगल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मध्यप्रदेश नेशनल पार्क बंद होने से पहले 30 जून तक सफारी बुक कर सकते हैं। इसके बाद करीब तीन महीने तक कोर जोन में प्रवेश नहीं मिलेगा। अक्टूबर में मौसम सामान्य होने के बाद पार्क दोबारा पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे।









