MP High Court Nursing Recruitment : जबलपुर: मध्य प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में अब पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा है कि इन पदों पर महिला और पुरुषों की बराबर नियुक्ति की जाए।
क्या है पूरा विवाद?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी के पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इस भर्ती में सभी पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित (100% Female Reservation) कर दिया गया था। इस नीति को हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी गई, जिसमें तर्क दिया गया कि शैक्षणिक पदों पर शत-प्रतिशत आरक्षण संवैधानिक रूप से गलत है और यह पुरुष उम्मीदवारों के साथ भेदभाव है।
कर्मचारी चयन मंडल का जवाब और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPPEB) ने अपना जवाब प्रस्तुत किया। मंडल ने स्पष्ट किया कि पुरुष कर्मचारियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया गया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश दिए कि नियुक्ति में महिला और पुरुष के अनुपात को बराबर रखा जाए।
महत्वपूर्ण आंकड़े और अगली सुनवाई
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कुल पद: 286 पदों पर महिलाओं की भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी।
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चुनौती: अधिवक्ता विशाल बघेल ने इस एकतरफा आरक्षण के खिलाफ कोर्ट में दलीलें पेश कीं।
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फाइनल हियरिंग: इस संवेदनशील मामले पर कल (बुधवार) अंतिम सुनवाई होनी है, जिसमें भर्ती प्रक्रिया के भविष्य पर अंतिम मुहर लगेगी।











