MP Guest Teachers Protest : भोपाल। मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने और लंबित मांगों को मनवाने के लिए महाआंदोलन का शंखनाद कर दिया है। मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यालय ‘ठेंगड़ी भवन’ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन प्रमुखों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 29 और 30 मार्च को राजधानी भोपाल में ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक लामबंद हो रहे हैं।
हरियाणा मॉडल लागू करने की मुख्य मांग अतिथि शिक्षकों की सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण मांग यह है कि उन्हें वरिष्ठता और उनके वर्षों के अनुभव के आधार पर ‘हरियाणा मॉडल’ की तर्ज पर नियमित किया जाए या सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। संगठन का कहना है कि लंबे समय से प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक अल्प वेतन और अनिश्चित भविष्य के बीच अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आंदोलन की सफलता के लिए बनी 10 समितियां आंदोलन को सुनियोजित और सफल बनाने के लिए बैठक में रणनीतिक योजना तैयार की गई है। इसके लिए 10 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है, जिनमें प्रत्येक समिति में 5-5 सदस्य शामिल किए गए हैं। साथ ही, प्रदेश के प्रत्येक जिले के लिए एक-एक प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो मैदानी स्तर पर अतिथि शिक्षकों को इस महाआंदोलन से जोड़ने का कार्य करेंगे।
दिग्गज पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ मंथन बैठक में ‘आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ’ के प्रदेश अध्यक्ष के.सी. पंवार और ‘अतिथि शिक्षक बीएमएस’ के प्रदेश अध्यक्ष तूफान शर्मा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। मंथन के दौरान पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब अतिथि शिक्षक शांत नहीं बैठेंगे और अपनी मांगों के पूर्ण होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येन्द्र नागर, साहेबराव पाटिल, राजकुमारी रजक सहित प्रदेश भर से आए जिला और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे।










