MP Employees Protest Bhopal : भोपाल में ‘कर्मचारी सत्याग्रह’: वल्लभ भवन के सामने डटे अस्थाई कर्मी, 5 सूत्रीय मांगों पर आर-पार की जंग

VIKASH KHALKHO

MP Employees Protest Bhopal : भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी सेवाओं के नियमितीकरण और वेतन विसंगतियों को लेकर हजारों अस्थाई कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के तत्वाधान में वल्लभ भवन और सतपुड़ा भवन के मुख्य द्वार पर ‘अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन’ शुरू किया गया है। आज आंदोलन के दूसरे दिन बड़ी संख्या में अस्थाई महिला कर्मचारी भी धरने पर बैठीं, जिससे आंदोलन को नई शक्ति मिली है।

प्रमुख मांगें और नाराजगी:

कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि शासन अस्थाई कर्मचारियों के साथ लगातार वादाखिलाफी कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सातवें वेतनमान का लाभ और नियमितीकरण।

  2. अस्थाई पदों को रिक्त घोषित करने वाले शासकीय आदेश को तत्काल निरस्त करना।

  3. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितिकरण।

  4. अंशकालीन कर्मचारियों को श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन या कलेक्टर दर का भुगतान।

  5. सभी अस्थाई कर्मचारियों को पेंशन सुविधा का लाभ देना।

बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी:

सत्याग्रह के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। अशोक पांडे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह सत्याग्रह एक बड़े प्रदेशव्यापी आंदोलन में बदल जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से अल्प वेतन में काम कर रहे हैं, लेकिन अब वे अपने हक के बिना पीछे नहीं हटेंगे।

सत्याग्रह के मुख्य बिंदु (Key Demands)

मांग विवरण
नियमितीकरण दैनिक वेतन भोगी और अंशकालीन कर्मियों को स्थाई किया जाए।
7वां वेतनमान कोर्ट के निर्देशानुसार बढ़ा हुआ वेतन दिया जाए।
वेतन दर श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन लागू हो।
सामाजिक सुरक्षा रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य लाभ सुनिश्चित हों।
आदेश की वापसी पदों को संक्षिप्त/रिक्त करने वाले आदेश को निरस्त किया जाए।

“हम कोई नई मांग नहीं कर रहे, केवल उच्च न्यायालय के आदेश का पालन चाहते हैं। शासन हमारे अस्तित्व को ही समाप्त करने वाले आदेश निकाल रहा है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

— अशोक पांडे, प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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