Monday, September 28, 2026
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Congress Reshuffle: MP Congress में बड़ी संगठनात्मक सर्जरी की तैयारी, भंग होगी प्रदेश कार्यकारिणी नए चेहरों को मिल सकती है जगह

[Nishaanebaz News] MP Congress: भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में जल्द ही बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। मंगलवार को हुई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक में मौजूदा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग कर नए सिरे से संगठन खड़ा करने पर सहमति बनी है। बैठक में प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक हुई नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई और कई नेताओं ने संगठन में वरिष्ठ तथा सक्रिय कार्यकर्ताओं को उचित जिम्मेदारी देने की मांग उठाई।

कांग्रेस की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी में बड़ी संख्या में पदाधिकारी हैं। अब पार्टी इसे छोटा और ज्यादा प्रभावी बनाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि नई टीम में पदों की संख्या कम रखने के साथ ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो संगठन के लिए लगातार सक्रिय हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं।

328 पदाधिकारियों वाली टीम की जगह बनेगी छोटी कार्यकारिणी

मध्यप्रदेश कांग्रेस की वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी में करीब 328 पदाधिकारी हैं। पार्टी अब इतनी बड़ी टीम के बजाय सीमित संख्या में पदाधिकारियों वाली कार्यकारिणी बनाने पर विचार कर रही है।

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PAC की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संगठन में जिम्मेदारी केवल पद देने के लिए नहीं, बल्कि काम करने की क्षमता और सक्रियता के आधार पर दी जानी चाहिए। नई कार्यकारिणी में क्षेत्रीय संतुलन के साथ वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को भी प्रतिनिधित्व देने की कवायद हो सकती है।

नियुक्तियों को लेकर नेताओं ने उठाए सवाल

MP Congress: बैठक में प्रदेश और जिलों में की गई नियुक्तियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नेताओं ने कहा कि कई वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ता लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें अब तक उनकी क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारी नहीं मिल पाई है।

PAC सदस्य और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने भी नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन में कई लोगों की ओर से शिकायतें सामने आई हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं को एडजस्ट करने की जरूरत है। उन्होंने जिला स्तर की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें स्थानीय संगठन में ही पर्याप्त पहचान नहीं है।

नाम मांगने और नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी चर्चा

MP Congress: बैठक में नेताओं ने नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर भी अपनी बात रखी। चर्चा में कहा गया कि यदि किसी नेता से संगठन में पद देने के लिए नाम मांगे जाते हैं तो उन नामों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

नेताओं का कहना था कि यदि सुझाए गए नामों को ही संगठन में जगह नहीं मिलती है तो फिर नाम मांगने की प्रक्रिया का कोई औचित्य नहीं रह जाता। ऐसे में भविष्य में नियुक्तियों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की जरूरत बताई गई।

जिला संगठनों में भी बदलाव के संकेत

सिर्फ प्रदेश कार्यकारिणी ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर संगठन में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। बैठक में कई जिलों में पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर असंतोष और शिकायतों पर चर्चा हुई।

कांग्रेस अब ऐसे पदाधिकारियों को आगे बढ़ाने की रणनीति बना रही है, जो लगातार जनता के बीच सक्रिय रहें, पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लें और संगठन के आंदोलन व अभियानों को जमीन तक पहुंचा सकें।

आगामी चुनावों से पहले संगठन मजबूत करने की कवायद

MP Congress: मध्यप्रदेश में आगामी नगरीय निकाय और अन्य चुनावी गतिविधियों को देखते हुए कांग्रेस का यह संगठनात्मक बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले बूथ से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन को ज्यादा सक्रिय बनाया जाए।

नई कार्यकारिणी के जरिए कांग्रेस में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि, अंतिम रूप से किन नेताओं को नई टीम में जगह मिलेगी, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व की आगामी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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बैठक में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

MP Congress: PAC की बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह और CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

अब सभी की नजर नई प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन पर है। यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो मौजूदा 328 सदस्यीय टीम की जगह छोटी, चुस्त और सक्रिय कार्यकारिणी देखने को मिल सकती है। साथ ही जिला स्तर पर भी कई चेहरों की जिम्मेदारियों में बदलाव होने के संकेत हैं।

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