MP BREAKING : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्रग्स और दुष्कर्म कांड के आरोपी मछली परिवार की हटाईखेड़ा स्थित आलीशान कोठी को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। नगर निगम की चार जेसीबी मशीनों ने इस हवेली को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
MP BREAKING : इधर, टीआईटी कॉलेज दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग केस की जांच पर भी नए सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पुलिस जांच को अधूरी और लापरवाह मानते हुए दूसरी बार हस्तक्षेप किया है। आयोग की टीम भोपाल पहुंची और पीड़िताओं से मुलाकात की। टीम ने अलग-अलग थानों के जांच अधिकारियों और पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र से चर्चा कर पहली जांच की कमियां गिनाईं और नए बिंदुओं पर जांच की जरूरत बताई।
MP BREAKING : इससे पहले आयोग जून में भोपाल आया था, तब क्लब-90 को इस पूरे कांड का अड्डा बताया गया था और बाद में उसे भी गिरा दिया गया था। एक जुलाई को आयोग ने मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया गया था।
MP BREAKING : अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर शंका
MP BREAKING : आयोग ने कहा था कि आरोपी फरहान के आपराधिक नेटवर्क और उसके कनेक्शन की जांच सतही ढंग से की गई। खासतौर पर भोपाल के कुख्यात मछली कारोबारी शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली** से संबंधों की पड़ताल पुलिस ने या तो नजरअंदाज कर दी या बेहद हल्के स्तर पर की।
MP BREAKING : कॉलेज और पीड़िताओं को लेकर सख्त निर्देश
MP BREAKING : आयोग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि टीआईटी कॉलेज की एंटी रैगिंग सेल की भूमिका की जांच होनी चाहिए। साथ ही पीड़िताओं को आरोपितों के स्वजनों से सुरक्षा देने, प्रत्येक पीड़िता को पांच लाख रुपए मुआवजा देने और जिन छात्राओं ने डर की वजह से पढ़ाई छोड़ी है, उन्हें दोबारा कॉलेज में दाखिला दिलाने के निर्देश भी दिए गए। टीम गुरुवार को अपने दौरे के अंतिम दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात के साथ कॉलेज का भी निरीक्षण कर सकती है।













