Sunday, September 27, 2026
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MP Food Safety: MP में ‘एनालॉग पनीर’ पर CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक के निर्देश

[Nishaanebaz News] MP Food Safety: भोपाल। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने मिलावटी और नकली पनीर के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में ‘एनालॉग पनीर’ के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग अब ऐसे उत्पादों की बिक्री और सप्लाई पर कड़ी नजर रखने की तैयारी में है।

सरकार का कहना है कि त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, मावा और मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। इसी के चलते खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

क्या है एनालॉग पनीर, जिस पर सरकार ने लगाई रोक?

एनालॉग पनीर ऐसे उत्पादों को कहा जाता है, जिन्हें पारंपरिक दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। इनमें दूध और दुग्ध वसा की जगह पाम ऑयल, वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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सरकार ने ऐसे उत्पादों को पनीर के नाम पर बेचे जाने और इस्तेमाल किए जाने को लेकर सख्ती के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग अब बाजार में उपलब्ध ऐसे उत्पादों की पहचान और जांच करेगा।

त्योहारों से पहले दुकानों और प्रतिष्ठानों पर बढ़ेगी निगरानी

MP Food Safety: त्योहारी सीजन में पनीर, मावा, खोया और दूध से बनी मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पनीर बेचने वाली दुकानों, मिठाई दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा सकती है। अधिकारियों द्वारा पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच भी कराई जा सकती है।

नकली या नियम विरुद्ध उत्पाद मिला तो होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे कारोबारियों पर नजर रखेगा, जो नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे। जांच में प्रतिबंधित या नियमों के विपरीत उत्पाद मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।सरकार का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

मिलावट के खिलाफ अभियान को मिलेगी रफ्तार

MP Food Safety: मध्यप्रदेश में त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच अभियान पहले भी चलाए जाते रहे हैं। अब ‘एनालॉग पनीर’ को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस अभियान का दायरा और बढ़ सकता है।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आने वाले दिनों में अलग-अलग जिलों में सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई की जा सकती है। खास तौर पर पनीर की गुणवत्ता और उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच पर जोर रहेगा।

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उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतने की सलाह

MP Food Safety: सरकार की इस पहल का सीधा उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिलावटी और संदिग्ध खाद्य उत्पादों से बचाना है। त्योहारों के दौरान पनीर और इससे जुड़े उत्पाद खरीदते समय लोगों को भी गुणवत्ता और पैकेजिंग की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में जांच और सैंपलिंग अभियान तेज होने की संभावना है।

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