नई दिल्ली [Nishanebaaz News]Parliament Monsoon Session Deadlock। संसद के मानसून सत्र में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और अन्य मुद्दों को लेकर जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को खुली चुनौती दी है। गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार संसद में हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने गेंद विपक्ष के पाले में डालते हुए कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दे कि वे चर्चा चाहते हैं, वे हर सवाल का बिंदुवार जवाब देंगे।
गृहमंत्री अमित शाह के इस बयान पर तुरंत पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, “हम लोग अमित शाह के लंबे भाषणों में इंटरेस्टेड नहीं हैं। हम सीधे तौर पर यह जानना चाहते हैं कि आंदोलनकारी बच्चों पर गोली और लाठी किसने चलवाई।” विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और राम मंदिर के मुद्दे पर बिना किसी समझौते के सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि भागने और गायब होने जैसी शब्दावली का इस्तेमाल गलत है। गृहमंत्री ने कहा, “विपक्ष संसद को चलने नहीं दे रहा है। आज दोपहर तीन बजे से लेकर कल दोपहर तीन बजे तक मैं खुद चर्चा में बैठने को तैयार हूं। अब विपक्ष को तय करना है कि उन्हें नियमों के तहत चर्चा करनी है या केवल हंगामा करके समय बर्बाद करना है। सरकार के पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है।”
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद से ही विपक्षी दल आक्रामक हैं। मानसून सत्र का आज आखिरी दिन होने के कारण दोनों पक्षों के बीच तल्खी चरम पर है। सरकार का दावा है कि विपक्ष लगातार गोलपोस्ट बदल रहा है और चर्चा से भाग रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि जनहित के इन दोनों संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना ही होगा।

