नई दिल्ली: मोदी सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग और सट्टेबाजी पर कड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस संबंध में ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दी गई। बिल बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा।
बिल के मुख्य बिंदु
- पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग ट्रांजैक्शन प्रतिबंधित होंगे।
- किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था को ऑनलाइन मनी गेम्स में पैसे ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी।
- रियल मनी गेमिंग के विज्ञापनों पर रोक।
- सरकार ई-स्पोर्ट्स और नॉन-मोनेटरी स्किल गेम्स को बढ़ावा देगी।
- MeitY (सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय) को केंद्रीय नियामक बनाया जाएगा।
- अधिकारी किसी भी अनधिकृत या पंजीकृत नहीं किए गए प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के अधिकार प्राप्त करेंगे।
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बिल का उद्देश्य
- देशभर में डिजिटल सट्टेबाजी को नियंत्रित करना।
- सट्टेबाजी से जुड़ी एडिक्शन और धोखाधड़ी की समस्याओं से निपटना।
- विभिन्न राज्यों के अलग-अलग जुआ कानूनों के बीच समन्वय स्थापित करना।
टैक्स और कानूनी प्रावधान
- अक्टूबर 2023 से ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर 28% GST लागू था, जिसे वित्तीय वर्ष 2025 से 30% कर दिया गया।
- विदेशी गेमिंग ऑपरेटर भी टैक्स नेटवर्क में शामिल किए जाएंगे।
- दिसंबर 2023 से भारतीय दंड संहिता के तहत अनधिकृत सट्टेबाजी पर 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान।
अब तक की कार्रवाई
- 2022 से फरवरी 2025 के बीच 1,400+ सट्टेबाजी और जुआ साइट्स/ऐप्स को ब्लॉक किया गया।
- गेमिंग विज्ञापनों में वित्तीय जोखिम और संभावित लत का डिस्क्लेमर लगाने का निर्देश।











