मऊगंज : चौराहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन की पार्किंग बुधवार को विवाद का केंद्र बन गई। पिक एंड ड्रॉप की समय-सीमा और कथित अवैध वसूली को लेकर मऊगंज से कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना धरने पर बैठ गए।
5 मिनट की टाइम लिमिट पर उठे सवाल
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि रीवा जैसे शहर में पिक एंड ड्रॉप के लिए सिर्फ 5 मिनट की समय सीमा तय की गई है, जबकि राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर 20 मिनट की लिमिट है। उन्होंने सवाल उठाया कि अलग-अलग शहरों में अलग मानक क्यों तय किए गए हैं।
अवैध वसूली और मारपीट के आरोप
धरने के दौरान पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी यात्रियों और वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पैसा न देने पर मारपीट भी की जाती है। उन्होंने इसे “गुंडागर्दी” करार देते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की।
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बिना आई कार्ड और यूनिफॉर्म के कर्मचारी?
मौके पर मौजूद कर्मचारियों को लेकर भी सवाल खड़े हुए। पूर्व विधायक ने कहा कि कई कर्मचारी बिना आई कार्ड और वर्दी के वसूली करते दिखे। वहीं जब एक कर्मचारी से यूनिफॉर्म और आई कार्ड के बारे में पूछा गया, तो वह कैमरे पर यह कहते नजर आया कि वह “छुट्टी पर” है।
ठेकेदार ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर पार्किंग ठेकेदार का दावा है कि सभी शुल्क रेलवे कॉन्ट्रैक्ट के नियमों के अनुसार लिए जा रहे हैं और कर्मचारी यूनिफॉर्म व आई कार्ड के साथ तैनात हैं। उन्होंने अवैध वसूली और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया।
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है। यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।











