Marenga Panchayat : सुकमा (कृष्णा नायक): सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मारेंगा में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के हितग्राहियों की मजदूरी राशि में गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस गंभीर मुद्दे पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य और अधिवक्ता दीपिका शोरी के कड़े हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। गुरुवार को दीपिका शोरी स्वयं जांच टीम के साथ ग्रामीणों के बीच पहुंचीं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
Marenga Panchayat : विदित हो कि 12 दिसंबर को मारेंगा के पीड़ित हितग्राहियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर रोजगार सहायक द्वारा मजदूरी राशि डकारने की शिकायत दीपिका शोरी से की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल कलेक्टर देवेश ध्रुव और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर से चर्चा की। नतीजतन, सीईओ के निर्देश पर चार सदस्यीय निष्पक्ष जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें पीएम आवास और मनरेगा के जिला व ब्लॉक समन्वयक शामिल हैं।
Marenga Panchayat : ग्राम पंचायत मारेंगा के पंचायत भवन में आयोजित ‘खुली सुनवाई’ के दौरान माहौल काफी भावुक और उम्मीदों भरा रहा। दीपिका शोरी की मौजूदगी में जांच टीम ने एक-एक कर सभी हितग्राहियों के बयान दर्ज किए। जिन बैंक खातों में फर्जी तरीके से मजदूरी राशि ट्रांसफर की गई थी, उन खाताधारकों से भी ग्रामीणों के सामने पूछताछ हुई। दीपिका शोरी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की ताकि जांच की पारदर्शिता बनी रहे।
Marenga Panchayat : जांच के दौरान ग्रामीणों ने न केवल पीएम आवास, बल्कि अन्य सरकारी कार्यों में भी मजदूरी नहीं मिलने की शिकायतें कीं। इस पर अधिवक्ता शोरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि रोजगार सहायक संतोष नाग द्वारा किए गए सभी कार्यों की विस्तृत जांच होगी और दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही रोजगार सहायक को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद उसने 15 जनवरी तक बकाया भुगतान का आश्वासन दिया।
Marenga Panchayat : ग्रामीणों को संबोधित करते हुए दीपिका शोरी ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना हर गरीब को छत देना है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार इसे धरातल पर उतार रही है। योजनाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी गरीबों का हक मारेगा, उसे जेल जाना होगा।” शोरी के इस आश्वासन और त्वरित कार्रवाई से मारेंगा के ग्रामीणों में न्याय की नई उम्मीद जगी है।











