Wednesday, August 19, 2026
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Malkangiri Naxal Surrender : ‘ऑपरेशन प्रहार’ का असर: 15 साल से सक्रिय एसीएम रैंक के नक्सली ने छोड़ा संगठन, विस्फोटक भी बरामद

Malkangiri Naxal Surrender : मलकानगिरी/जगदलपुर (4 फरवरी 2026)। ओडिशा पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान को आज उस समय एक बड़ी सफलता मिली, जब लंबे समय से सक्रिय और खूंखार माओवादी सुखराम मरकाम उर्फ योगेश उर्फ सुरेश ने मलकानगिरी जिले में आत्मसमर्पण कर दिया। सुखराम पर अलग-अलग राज्यों में कुल 21 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह माओवादी संगठन में ACM (एरिया कमेटी मेंबर) के पद पर कार्यरत था और छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है।

हथियार और विस्फोटक भी किए बरामद मलकानगिरी पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद पाटिल ने बताया कि आत्मसमर्पण के दौरान सुखराम ने एक SLR राइफल, एक मैगजीन, 12 जिंदा कारतूस और लगभग 2 किलो वजन के दो आईईडी (IED) सहित अन्य विस्फोटक सामग्री पुलिस को सौंपी है। सुखराम ने पुलिस को बताया कि वह संगठन की खोखली विचारधारा और पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

सुकमा का रहने वाला है सुखराम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले (पुष्पाल गांव) का निवासी सुखराम मरकाम वर्ष 2010 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह वर्तमान में कांगेरघाटी कमेटी के कमांडर के रूप में काम कर रहा था। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।

पुनर्वास नीति का दिख रहा असर एसपी विनोद पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया की अपील तथा राज्य की नई आकर्षक पुनर्वास नीति का असर अब दिखने लगा है। सुखराम को सरकार की नीति के तहत तत्काल सहायता राशि और पुनर्वास के लिए सभी सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। पुलिस ने एक बार फिर अन्य नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।

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