Wednesday, August 19, 2026
Home Chhattisgarh Kawardha Paddy Scam 2026 : बड़बोलेपन ने छीनी कुर्सी: कवर्धा डीएमओ के...

Kawardha Paddy Scam 2026 : बड़बोलेपन ने छीनी कुर्सी: कवर्धा डीएमओ के ‘हास्यास्पद’ बयान से विभाग की हुई किरकिरी, अब थमाया सस्पेंशन

Kawardha Paddy Scam 2026 : कवर्धा (4 फरवरी 2026)। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सात करोड़ रुपये के धान घोटाले को चूहों के सिर मढ़ने वाले जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा को आज निलंबित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला ने यह कार्रवाई की। विभाग का मानना है कि डीएमओ के इस बचकाने और तथ्यहीन बयान से सरकार और विभाग की छवि पूरे प्रदेश में धूमिल हुई है।

क्या था पूरा मामला? विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान कवर्धा के दो प्रमुख संग्रहण केंद्रों, बाजार चारभाठा और बघर्रा में कुल 7.99 लाख क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। जब धान का उठाव शुरू हुआ और स्टॉक का मिलान किया गया, तो करीब 26,000 क्विंटल धान कम पाया गया। अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से 22,000 क्विंटल धान गायब था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 7 करोड़ रुपये है।

अजीबोगरीब दलील और राजनीतिक घमासान जब इस भारी कमी पर डीएमओ अभिषेक मिश्रा से सवाल किया गया, तो उन्होंने 7 जनवरी 2026 को मीडिया में बयान दिया कि, “धान की यह कमी चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम के प्रभाव के कारण हुई है।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई और विपक्षी दल कांग्रेस ने ‘चूहा पकड़ने का पिंजरा’ लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

निलंबन का आधार मार्कफेड द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बिना किसी ठोस तकनीकी रिपोर्ट या भौतिक सत्यापन के, चूहों द्वारा धान खाने जैसा गैर-जिम्मेदाराना बयान देना कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका-18 का सीधा उल्लंघन है। कलेक्टर गोपाल वर्मा की जांच रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी ‘शॉर्टेज’ का मामला है, न कि प्राकृतिक नुकसान का।

इससे पहले प्रशासन ने संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को भी निलंबित किया था, जिन पर सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ करने का आरोप है। अब मुख्य जिम्मेदार अधिकारी पर गाज गिरने के बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच और तेज हो गई है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here