इंदौर: आर्थिक राजधानी इंदौर पहले ही दूषित पानी से हुई मौतों और स्वास्थ्य संकट को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। इसी बीच मल्हारगंज क्षेत्र से एक नया विवाद सामने आया है, जहां पार्षद के खिलाफ विरोध करना कुछ रहवासियों को भारी पड़ गया। क्षेत्रीय पार्षद संध्या यादव पर आरोप है कि काम को लेकर सवाल उठाने वाले युवकों को थाने भिजवा दिया गया, जिससे इलाके में नाराजगी फैल गई।
काम की शिकायत लेकर पहुंचे थे रहवासी
स्थानीय लोगों के मुताबिक मल्हारगंज क्षेत्र के कुछ निवासी बुनियादी समस्याओं को लेकर पार्षद के पास पहुंचे थे। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से साफ पानी, सफाई और अन्य जरूरी कामों को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी बात को लेकर पार्षद से बहस हुई, जो धीरे-धीरे विरोध में बदल गई।
पार्षद पर कार्रवाई का आरोप
रहवासियों का आरोप है कि विरोध से नाराज पार्षद ने कथित तौर पर युवकों के साथ मारपीट करवाई और बाद में उन्हें थाने बैठवा दिया। इससे आक्रोशित परिजन सोमवार को थाने के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि जनप्रतिनिधि को समस्या बताना कोई अपराध नहीं है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रहवासी पार्षद और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि वीडियो के आधार पर आगे भी युवकों को पकड़ने की धमकी दी जा रही है, जिससे डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
हंगामे की सूचना के बाद पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि अभी तक पूरे मामले में पुलिस या पार्षद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले ने शहर में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और आम जनता की सुनवाई को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।













