Mahadev Satta King: रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई में कभी कपड़े की दुकान पर नौकरी करने और जूस का कारोबार चलाने वाला सौरभ चंद्राकर आज महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले का सबसे चर्चित नाम बन चुका है। सौरभ पर हजारों करोड़ रुपए के कथित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क, हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं।
सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। उसकी गिरफ्तारी और भारत लाए जाने की कार्रवाई के बीच महादेव ऐप से जुड़े कई पुराने किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं।
12 हजार रुपए की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति, दुबई में 200 करोड़ रुपए की शादी, विदेशी नागरिकता और राजनीतिक विवादों तक, सौरभ की कहानी कई चौंकाने वाले मोड़ से भरी है। पढ़िए महादेव ऐप केस से जुड़े 10 चर्चित किस्से।
1. 17 साल की उम्र में शुरू की नौकरी, मिलता था 12 से 14 हजार रुपए वेतन
सौरभ चंद्राकर भिलाई के एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता भिलाई नगर निगम में ग्रेड-4 कर्मचारी थे। सौरभ ने 12वीं तक पढ़ाई की और महज 17 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया। 2014-15 के दौरान वह भिलाई के आकाश गंगा इलाके में कपड़े की दुकानों पर काम करता था। इस दौरान उसे हर महीने करीब 12 से 14 हजार रुपए वेतन मिलता था। इसी बीच उसे क्रिकेट पर सट्टा लगाने की आदत पड़ी। सट्टेबाजी के दौरान उसकी मुलाकात रवि उप्पल से हुई, जो उससे करीब 24 साल बड़ा था और पहले से इस कारोबार से जुड़ा हुआ था।
2. जूस की दुकान से शुरू हुआ सफर, फिर दुबई में खड़ा किया नेटवर्क
सौरभ ने भिलाई के नेहरू नगर में ‘जूस फैक्ट्री’ नाम से एक रेस्तरां भी शुरू किया था। लेकिन धीरे-धीरे उसका जुड़ाव सट्टेबाजी के कारोबार से बढ़ता गया।
2018 में रवि उप्पल ने उसे अपने साथ जोड़ा। इसके बाद दोनों ने मिलकर सट्टेबाजी का नेटवर्क तैयार करना शुरू किया। 2019 में सौरभ दुबई चला गया और वहां रवि उप्पल को भी बुलाया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक नाम से बेटिंग नेटवर्क खड़ा किया, जिसका संचालन दुबई से किया जाता था।
3. क्रिकेट से लेकर चुनाव तक, हजारों एजेंटों का नेटवर्क
महादेव ऐप का नेटवर्क धीरे-धीरे देश के कई राज्यों और विदेशों तक फैल गया। इसमें पैनल ऑपरेटर, एजेंट और सब-एजेंट शामिल थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन और दूसरे खेलों के अलावा पोकर, तीन पत्ती तथा चुनावों पर भी ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। एजेंटों के माध्यम से ग्राहकों को आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जाते थे। जांच में बड़ी संख्या में बैंक खातों के जरिए लेन-देन किए जाने की बात भी सामने आई।
4. दुबई में 200 करोड़ रुपए की शादी, मेहमानों के लिए लगाए गए प्राइवेट जेट
फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने दुबई में शादी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस भव्य समारोह पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। शादी में मेहमानों को लाने के लिए प्राइवेट जेट लगाए गए। लग्जरी होटल, भव्य सजावट और बड़े स्तर पर आयोजन किया गया। समारोह में कई बॉलीवुड कलाकारों और गायकों के शामिल होने तथा परफॉर्म करने की खबरें सामने आईं। इनमें नेहा कक्कड़, आतिफ असलम, राहत फतेह अली खान, टाइगर श्रॉफ, भाग्यश्री और सुखविंदर सिंह जैसे नाम शामिल बताए गए।
5. शादी के वीडियो वायरल हुए तो जांच एजेंसियों की बढ़ी दिलचस्पी
सौरभ की शादी फरवरी 2023 में हुई थी, लेकिन समारोह के वीडियो और तस्वीरें करीब पांच महीने बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए। शादी में मुंबई और नागपुर की इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों, डेकोरेटर्स और कलाकारों को बुलाया गया था। भव्य समारोह की तस्वीरें सामने आने के बाद आयोजन पर खर्च की गई रकम और उसके स्रोत को लेकर चर्चा तेज हो गई। इसी दौरान महादेव ऐप से जुड़े कथित अवैध कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी तेज हो रही थी।
6. गिरफ्तारी से बचने के लिए हासिल की वानूआतू की नागरिकता
ED की कार्रवाई तेज होने के बाद सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की विदेशी नागरिकता का मामला भी सामने आया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों के वानूआतू के पासपोर्ट पेश किए गए थे। दस्तावेजों के मुताबिक, सौरभ को 6 मई 2022 और रवि उप्पल को 28 जून 2022 को पासपोर्ट जारी किया गया था। इनकी वैधता 2032 तक बताई गई थी। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि विदेशी नागरिकता का इस्तेमाल भारतीय कानून और प्रत्यर्पण की कार्रवाई से बचने के लिए किया गया।
7. 508 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में मचाया बवाल
महादेव ऐप का मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बड़ा विवाद बन गया। ED ने दावा किया था कि 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 508 करोड़ रुपए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंचाए जाने थे। इस दावे में महादेव ऐप से जुड़े प्रमोटर शुभम सोनी और असीम दास के बयानों का हवाला दिया गया। शुभम सोनी का एक वीडियो भी सामने आया था। हालांकि, भूपेश बघेल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
8. हवाला नेटवर्क से लेकर 1700 करोड़ की संपत्तियों तक जांच
ED की जांच में महादेव ऐप से जुड़े कथित हवाला नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले सामने आए। जांच एजेंसियों ने अलग-अलग शहरों में छापेमारी की और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। सट्टेबाजी से हुई कथित कमाई से लग्जरी गाड़ियां, बंगले और दूसरी संपत्तियां खरीदने के आरोप भी लगे। महादेव ऐप से जुड़े मामले में ED ने करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच किए जाने की जानकारी दी थी। एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, संपत्तियों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही हैं।
9. दुबई में कराई पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा
दिसंबर 2024 में सौरभ चंद्राकर और उसके परिवार की ओर से दुबई में शिव महापुराण कथा का आयोजन कराया गया। यह कथा 9 से 11 दिसंबर तक दुबई के ली मेरिडियन होटल एंड कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित हुई थी। कथा पंडित प्रदीप मिश्रा ने की थी। इस आयोजन को लेकर भी महादेव ऐप के कथित अवैध कारोबार और सौरभ के आलीशान रहन-सहन के बीच संबंधों को लेकर चर्चा हुई।
10. जूस बेचने वाले से हजारों करोड़ के कथित सट्टा सिंडिकेट तक कैसे पहुंचा सौरभ?
Mahadev Satta King: सौरभ चंद्राकर की कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक सामान्य परिवार से आने वाला युवक, जो कभी 12 से 14 हजार रुपए की नौकरी करता था, कैसे हजारों करोड़ रुपए के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का प्रमुख चेहरा बन गया? 2017 में पुलिस को पहली बार उसके सट्टेबाजी से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद 2022 में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई और ED की जांच ने महादेव ऐप के नेटवर्क को उजागर किया। अब सौरभ की गिरफ्तारी और रायपुर की विशेष अदालत में पेशी के साथ इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।