निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। जहां खंडवा में पारा 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं खजुराहो में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक गिर गया।
कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि
पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र में कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है। उज्जैन, मंदसौर सहित आसपास के जिलों में ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, सागर, रीवा और आसपास के जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
हालांकि 21 और 22 फरवरी को कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन 23-24 फरवरी को फिर से बारिश की संभावना जताई गई है।
बड़े शहरों का तापमान
राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री और न्यूनतम 14.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 28.6 डिग्री तक पहुंचा, जबकि रात का तापमान 15.2 डिग्री रहा। जबलपुर में अधिकतम 29.1 डिग्री और न्यूनतम 14.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उज्जैन में अधिकतम 28 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
प्रदेश के अलग-अलग शहरों में तापमान के ये अंतर मौसम की अस्थिरता को साफ दर्शाते हैं।
किसानों पर मौसम की मार
बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इंदौर, उज्जैन, सीहोर, बड़वानी, मंदसौर, नीमच, झाबुआ और रतलाम सहित कई जिलों में गेहूं, चना, सरसों, प्याज और अफीम की फसलों को नुकसान पहुंचा है। अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।













