MP Teacher Recruitment 2025: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 5% बोनस अंक के विवाद में अभ्यर्थियों की सभी रिट अपीलें खारिज कर दी गई हैं। MP Teacher Recruitment 2025 में अब RCI योग्यता के आधार पर दिए गए बोनस अंकों की दोबारा जांच होगी और अपात्र अभ्यर्थियों के अंक हटाकर नई मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के 6 मई 2026 के आदेश को सही ठहराया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की खंडपीठ ने मामले में दाखिल सभी रिट अपीलों को खारिज कर दिया। MP Teacher Recruitment 2025 से जुड़े इस फैसले के बाद अब भर्ती प्रक्रिया में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के जरिए प्रदेश में 13,089 पदों पर भर्ती की जा रही है। अब इन पदों के लिए तैयार की गई मेरिट सूची को RCI योग्यता की जांच के बाद दोबारा तैयार किया जाएगा।
RCI योग्यता के नाम पर मिले थे 5% बोनस अंक
भर्ती नियमों के तहत RCI यानी Rehabilitation Council of India से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को 5% बोनस अंक देने का प्रावधान था। इसी नियम के तहत बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने आवेदन में RCI योग्यता का दावा किया था। MP Teacher Recruitment 2025 में करीब 14,964 अभ्यर्थियों को RCI योग्यता के आधार पर बोनस अंक मिले।बाद में RCI रिकॉर्ड की जांच में करीब 5,271 अभ्यर्थी ही इस योग्यता के लिए पात्र पाए गए। इससे भर्ती की मेरिट और बोनस अंकों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और अब कोर्ट ने बोनस अंकों को लेकर स्थिति साफ कर दी है।
ऑनलाइन फॉर्म में ‘हां’ चुनने पर मिल गए बोनस अंक
मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में RCI योग्यता के सामने ‘हां’ विकल्प चुनने पर अभ्यर्थियों को बोनस अंक दे दिए गए थे। उस समय दस्तावेजों का अंतिम सत्यापन नहीं हुआ था। MP Teacher Recruitment 2025 में दस्तावेजों की जांच बाद के चरण में की जानी थी।हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इस बात को भी महत्वपूर्ण माना कि अभ्यर्थियों को आवेदन में अपनी जानकारी सुधारने के लिए तीन अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद यदि किसी अभ्यर्थी ने गलत जानकारी को नहीं सुधारा और बाद में परिणाम आने के बाद गलती का हवाला दिया, तो उसे आधार बनाकर बोनस अंक बनाए रखने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
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अभ्यर्थियों की दलील पर कोर्ट ने नहीं दी राहत
प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई थी कि RCI योग्यता का विकल्प कई मामलों में गलती से चुन लिया गया था। उनका कहना था कि गलत तरीके से मिले बोनस अंकों को हटाकर उनके वास्तविक अंकों के आधार पर उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने दिव्यांग श्रेणी के आधार पर भी राहत की मांग की।हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। MP Teacher Recruitment 2025 के मामले में कोर्ट ने माना कि गलत जानकारी के आधार पर मिला अतिरिक्त लाभ बाद में अधिकार के तौर पर बनाए नहीं रखा जा सकता।
गलत बोनस से प्रभावित हो रही थी मेरिट
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि गलत जानकारी के आधार पर दिए गए 5% बोनस अंक बरकरार रखे जाते हैं, तो उन उम्मीदवारों की मेरिट प्रभावित होगी जिन्होंने आवेदन में सही जानकारी दी थी। MP Teacher Recruitment 2025 में मेरिट सूची निष्पक्ष रखने के लिए अपात्र उम्मीदवारों को मिले बोनस अंक हटाना जरूरी माना गया है।कोर्ट के अनुसार, गलत जानकारी के आधार पर हासिल किया गया लाभ अनुचित लाभ की श्रेणी में आता है। ऐसे लाभ को बाद में वैध अधिकार बताकर बनाए रखने की मांग नहीं की जा सकती।
अब RCI प्रमाण-पत्रों का होगा सत्यापन
एकलपीठ ने 6 मई 2026 को चयन सूची कर्मचारी चयन मंडल को वापस भेजने का निर्देश दिया था। साथ ही RCI योग्यता का दावा करने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए 15 दिन का समय देने को कहा गया था। MP Teacher Recruitment 2025 में अब इन्हीं प्रमाण-पत्रों की जांच आगे की प्रक्रिया का अहम हिस्सा होगी।जांच में जो अभ्यर्थी RCI योग्यता के लिए पात्र नहीं पाए जाएंगे, उनके आवेदन से 5% बोनस अंक हटा दिए जाएंगे। इसके बाद संशोधित मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
नई मेरिट के आधार पर आगे बढ़ेगी नियुक्ति
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण संशोधित मेरिट सूची पर निर्भर करेगा। पात्र अभ्यर्थियों की RCI योग्यता का सत्यापन किया जाएगा और अपात्र उम्मीदवारों के बोनस अंक हटाए जाएंगे। MP Teacher Recruitment 2025 की नई मेरिट सूची तैयार होने के बाद उसी के आधार पर आगे नियुक्ति प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है जिन्होंने आवेदन में अपनी योग्यता की सही जानकारी दी थी। वहीं गलत तरीके से बोनस अंक पाने वाले उम्मीदवारों की मेरिट पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।





