शाहडोल। Nishaanebaz.com-Shahdol SP Strict Action: मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कड़े कदम उठाए हैं। महज दो दिनों के भीतर हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी ने संदिग्ध आचरण और कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिसके बाद 29 पुलिसकर्मियों के थोक तबादले के आदेश जारी किए गए हैं।
निलंबन की गाज सोहागपुर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) जवाहरलाल राय और प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक पर गिरी है। एएसआई जवाहरलाल राय का संदिग्ध आचरण से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जबकि प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक के खिलाफ बुढ़ार थाना प्रभारी की रिपोर्ट में वारंटी की तलाश के नाम पर रवानगी दर्ज कराने के बावजूद जांच न करने और गंभीर लापरवाही बरतने का उल्लेख था। दोनों निलंबित कर्मचारियों को निलंबन अवधि के लिए ब्यौहारी थाने से संबद्ध कर दिया गया है।
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निलंबन की कार्रवाई के तुरंत बाद एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस महकमे में कसावट लाते हुए उपनिरीक्षक (SI), सहायक उपनिरीक्षक (ASI), प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के 29 पुलिसकर्मियों के अस्थायी स्थानांतरण के आदेश दिए। इस फेरबदल के तहत उपनिरीक्षक मोतीलाल सोनवानी को कोतवाली से हटाकर देवलोंद थाना भेजा गया है, जबकि कई प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों को ब्यौहारी, सोहागपुर, अमलाई, जयसिंहनगर और यातायात व्यवस्था में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों और रक्षित निरीक्षक को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि स्थानांतरित सभी पुलिसकर्मियों को तीन दिन के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर भेजा जाए। निर्धारित समय-सीमा के भीतर नई जगह पर ज्वाइनिंग न देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। एसपी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि सुधारने की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

