Kitchen Tips: रसोई के सिंक में पानी भरकर धीरे-धीरे नीचे जाना रोजमर्रा की छोटी लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। अक्सर इसकी वजह पाइप के अंदर जमा खाने के छोटे टुकड़े, चिकनाई या दूसरी गंदगी हो सकती है। अगर सिंक पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और पानी धीरे-धीरे निकल रहा है, तो तुरंत तेज केमिकल ड्रेन क्लीनर इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। ऐसी हल्की रुकावट के लिए घर में मौजूद एक लचीली प्लास्टिक बोतल से पानी का दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है।
यह तरीका किसी भारी जाम को खोलने की गारंटी नहीं देता, लेकिन शुरुआती रुकावट में एक आसान घरेलू उपाय के तौर पर आजमाया जा सकता है। इसे करते समय ज्यादा दबाव बनाने से बचना भी जरूरी है।
बोतल कैसे काम करेगी
इस तरीके में पानी के दबाव का इस्तेमाल किया जाता है। जब पानी से भरी लचीली बोतल को दबाया जाता है, तो उसमें मौजूद पानी तेजी से पाइप की तरफ जाता है। इससे पाइप के मुंह या शुरुआती हिस्से में जमा हल्की गंदगी और छोटे कचरे के ढीला होने की संभावना रहती है।
इस ट्रिक का असर तभी बेहतर हो सकता है जब बोतल का मुंह सिंक के ड्रेन के आसपास ठीक से बैठ पाए। अगर पानी किनारों से बाहर निकलता रहेगा, तो दबाव पाइप के अंदर पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाएगा।
ऐसे करें ट्राई
सबसे पहले करीब 500 मिलीलीटर से 1.5 लीटर की ऐसी प्लास्टिक बोतल लें, जिसे आसानी से दबाया जा सके। बोतल को उल्टा करके उसका मुंह सिंक के ड्रेन होल पर रखें। कोशिश करें कि बोतल और ड्रेन के बीच ज्यादा खाली जगह न रहे। अब बोतल को तेजी से लेकिन नियंत्रित तरीके से दबाएं, ताकि पानी दबाव के साथ पाइप में जाए।
इसके बाद नल चलाकर देखें कि पानी पहले की तुलना में तेजी से नीचे जा रहा है या नहीं। जरूरत महसूस हो तो इस प्रक्रिया को एक-दो बार दोहरा सकते हैं।
कब न बनाएं ज्यादा दबाव
अगर पाइप पुराना है, जोड़ ढीले हैं या प्लंबिंग पहले से खराब है, तो बोतल को बहुत ज्यादा जोर से दबाने से बचें। जरूरत से ज्यादा दबाव कुछ कमजोर फिटिंग या जोड़ के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
केमिकल से पहले आसान विकल्प
हल्की रुकावट के मामले में बोतल से पानी का दबाव बनाने वाला तरीका इसलिए आजमाया जा सकता है क्योंकि इसमें किसी तेज केमिकल की जरूरत नहीं पड़ती। इससे ड्रेन क्लीनर के गलत इस्तेमाल से होने वाले जोखिम से भी बचा जा सकता है।
हालांकि इसे हर तरह के जाम का समाधान नहीं समझना चाहिए। अगर शुरुआती कोशिश के बाद भी पानी की निकासी में सुधार नहीं आता है, तो बार-बार दबाव बनाने के बजाय रुकावट की सही वजह पता करना ज्यादा बेहतर होगा।

