[nishaanebaz.com] Raisen News: रायसेन। रायसेन जिला जेल में जेल प्रहरी को गोली मारे जाने की घटना के बाद जेल प्रशासन पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मामले में जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जेल मुख्यालय ने जांच के लिए एक टीम रायसेन भेजी है। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी जेल IG रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विचाराधीन कैदी के पास से बरामद कट्टा संभवत: जेल की बाहरी दीवार के पार से अंदर फेंका गया था। हालांकि, इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि हथियार जेल परिसर के अंदर कैसे पहुंचा और इसमें किसी बाहरी व्यक्ति या जेल से जुड़े लोगों की भूमिका तो नहीं थी।
जेल अधीक्षक आरके चौरे पर हुई कार्रवाई
रायसेन जिला जेल में हुई फायरिंग की घटना के बाद जेल मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया है। माना जा रहा है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में हुई कथित चूक की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।जांच टीम जेल में सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की निगरानी, हथियार की जेल के अंदर पहुंचने की परिस्थितियों और घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की जानकारी जुटा रही है।
जेल IG रैंक के अधिकारी करेंगे जांच
मामले की जांच के लिए जेल मुख्यालय की टीम रायसेन पहुंच गई है। जांच की जिम्मेदारी जेल IG स्तर के अधिकारी को दी गई है। टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।जेल प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ के साथ-साथ घटना के समय की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार जेल के अंदर किस तरह पहुंचा।
CCTV फुटेज खंगाल रही जांच टीम
जेल गोलीकांड के बाद जेल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जेल डीजी वरुण कपूर के मुताबिक, पूरे मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।CCTV फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले और बाद में जेल परिसर में कौन-कौन लोग सक्रिय थे। इसके साथ ही हथियार जेल में पहुंचने की संभावित जगह और समय की भी पड़ताल की जा रही है।
कैदी ने जेल प्रहरी पर चलाई थी गोली
दरअसल, घटना 2 सितंबर 2026 की है। रायसेन जिला जेल में उस समय हड़कंप मच गया, जब विचाराधीन कैदी निलेश ठाकुर ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर कथित तौर पर गोली चला दी।बताया जा रहा है कि कैदी जेल का गेट खुलवाकर बाहर निकलने की बात कह रहा था। इसी दौरान उसने प्रहरी पर फायर कर दिया। गोली दिग्विजय सिंह तोमर की पीठ में लगी और गंभीर चोट आई।
घटना के बाद जेल कर्मचारियों ने घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार और जांच के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज भोपाल AIIMS में चल रहा है।
रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए फलों की टोकरी लेकर आया था कैदी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिला जेल में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इसी कार्यक्रम के लिए कैदी निलेश ठाकुर फलों की टोकरी लेकर जेल गेट की ओर आया था।इसी दौरान उसके पास अवैध कट्टा होने की बात सामने आई और उसने जेल प्रहरी पर गोली चला दी। घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन है आरोपी निलेश ठाकुर?
निलेश ठाकुर बरेली के पास दिमाड़ा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।बताया गया है कि वह कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पठारी में हुई हत्या के मामले में जेल में बंद था। उसके खिलाफ पहले हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 का मामला दर्ज हुआ था और बाद में उसी व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया। इन्हीं मामलों में वह विचाराधीन कैदी के तौर पर जिला जेल में बंद था।
सबसे बड़ा सवाल- जेल के अंदर कट्टा पहुंचा कैसे?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिला जेल जैसी सुरक्षा वाली जगह पर विचाराधीन कैदी के पास अवैध कट्टा आखिर पहुंचा कैसे?प्रारंभिक जांच में हथियार जेल की बाहरी दीवार के बाहर से अंदर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में यह बात सही साबित होती है तो जेल की बाहरी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठेंगे।जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का जायजा लिया है। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हथियार जेल तक कैसे पहुंचा, सुरक्षा में कहां चूक हुई और घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।फिलहाल जेल अधीक्षक के निलंबन के बाद जांच तेज कर दी गई है। CCTV फुटेज, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।





