Monday, September 7, 2026
Home Madhya Pradesh MP Police Training 2026: मध्यप्रदेश पुलिस में बढ़ा महिलाओं का दबदबा, 17...

MP Police Training 2026: मध्यप्रदेश पुलिस में बढ़ा महिलाओं का दबदबा, 17 में 11 महिला DSP

[nishaanebaz.com] MP Police Training 2026: मध्यप्रदेश पुलिस को जल्द ही 17 नए उप पुलिस अधीक्षक यानी DSP मिलने वाले हैं। इन अधिकारियों की बेसिक ट्रेनिंग मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी में शुरू हो चुकी है। DSP के 46वें बैच में कुल 17 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं।

इस बैच की सबसे खास बात महिलाओं की भागीदारी है। कुल 17 अधिकारियों में 11 महिलाएं और 6 पुरुष हैं। यानी बैच में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 65 फीसदी है। यह आंकड़ा पुलिस सेवा में महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को भी दिखाता है।

फील्ड पुलिसिंग पर रहेगा खास जोर

MP Police Training 2026 में सिर्फ किताबों और नियमों तक प्रशिक्षण सीमित नहीं रहेगा। प्रशिक्षु अधिकारियों को वास्तविक पुलिसिंग से जुड़े कामों की समझ देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर रामजी श्रीवास्तव के अनुसार, प्रशिक्षण में फील्ड पुलिसिंग और व्यावहारिक अभ्यास को अहम जगह दी जाएगी। अधिकारियों को बदलते अपराध और पुलिसिंग में आ रही नई चुनौतियों के हिसाब से तैयार किया जाएगा।

Rewa News: जच्चा-बच्चा की मौत से भड़का आक्रोश, स्वास्थ्य मंत्री के आवास तक पहुंचा विरोध; कांग्रेसियों ने तोड़े बैरिकेड्स

BNS और BNSS की समझ होगी जरूरी

MP Police DSP Training 2026 में नए आपराधिक कानूनों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। प्रशिक्षुओं को भारतीय न्याय संहिता यानी BNS, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा।इसके साथ ही अपराध की जांच, सबूत जुटाने और अदालत में साक्ष्यों को सही तरीके से पेश करने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी। इसका उद्देश्य अधिकारियों को कानून की व्यावहारिक जानकारी देना है।

साइबर क्राइम से लेकर डिजिटल सबूत तक सीखेंगे

MP Police Academy DSP Training 2026 की एक खास बात आधुनिक तकनीक से जुड़ा प्रशिक्षण भी है। आज अपराध के कई मामले मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े होते हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों के लिए डिजिटल सबूतों को समझना और सुरक्षित तरीके से जुटाना जरूरी हो गया है।

प्रशिक्षुओं को साइबर अपराध की जांच, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन और फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जाएगा। इसके अलावा OSINT यानी Open Source Intelligence के जरिए खुले स्रोतों से जानकारी जुटाने की तकनीक भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी।

संविधान और मानवाधिकार पर भी फोकस

MP Police Training 2026 में अधिकारियों को केवल अपराध और तकनीक की ट्रेनिंग नहीं दी जाएगी। संविधान, मानवाधिकार और पुलिस नीतिशास्त्र जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम में जगह दी गई है।वास्तविक मामलों पर आधारित अभ्यास के जरिए अधिकारियों को यह समझाने की कोशिश होगी कि फील्ड में कानून को किस तरह लागू किया जाए। इसके साथ ही व्यक्तित्व विकास और आम लोगों के साथ बेहतर संवाद पर भी ध्यान दिया जाएगा।

करीब दो साल बाद मिलेगी फील्ड पोस्टिंग

MP Police DSP Training की प्रक्रिया करीब दो साल तक चलती है। शुरुआती चरण में अधिकारियों को अकादमी में कानून, पुलिस मैनुअल, हथियार चलाने, शारीरिक प्रशिक्षण और निहत्थे मुकाबले जैसी जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है।इसके बाद प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा फील्ड से जुड़ा होता है। प्रशिक्षुओं को थानों, पुलिस लाइन और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों में काम करने का अनुभव मिलता है। इससे उन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध जांच और पुलिस प्रशासन की वास्तविक स्थिति को करीब से समझने का मौका मिलता है।

Sagar Liquor Tragedy: जहरीली शराब केस में निलंबित अधिकारी कीर्ति दुबे बोलीं- ‘मैं अपना काम ठीक से कर रही हूं’

महिला अधिकारियों की बड़ी संख्या बनी खास चर्चा

MP Police DSP Training 2026 में महिला अधिकारियों की भागीदारी इस बैच की सबसे उल्लेखनीय बातों में से एक है। 17 प्रशिक्षुओं में 11 महिलाएं हैं। इससे पुलिस सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत मिलता है।आगे फील्ड में तैनाती के दौरान इन अधिकारियों की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था संभालने, अपराध की जांच और जनता से जुड़े मामलों को देखने की होगी। खासकर महिला और बाल अपराध जैसे मामलों में महिला अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

नई तकनीक के साथ मैदान में उतरेंगे अधिकारी

MP Police Academy DSP Training 2026 पूरी होने के बाद इन अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्हें पारंपरिक पुलिसिंग के साथ साइबर अपराध और डिजिटल जांच जैसी नई चुनौतियों से भी निपटना होगा।बदलते अपराध के दौर में पुलिस अधिकारियों के लिए कानून की जानकारी के साथ तकनीकी समझ भी जरूरी हो गई है। ऐसे में इस बैच की ट्रेनिंग में दोनों पहलुओं को साथ लेकर चलने पर जोर दिया जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here