[nishaanebaz.com] Indore News: इंदौर। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में शिक्षकों से सीधे संवाद करेंगे। सांदीपनि शासकीय अहिल्या आश्रम माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शासकीय शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वन-टू-वन बातचीत करेंगे। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों की जरूरतों और बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर शिक्षकों के अनुभव और सुझाव जानने पर विशेष जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री खास तौर पर ऐसे शिक्षकों से बातचीत करेंगे, जो युवा पीढ़ी के साथ लगातार काम कर रहे हैं और बदलती सोच, तकनीक तथा विद्यार्थियों की नई जरूरतों को करीब से समझते हैं। संवाद के दौरान शिक्षकों से उनके अनुभवों के साथ यह भी जाना जाएगा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए किन बदलावों की जरूरत है।
बच्चों के भविष्य के साथ संस्कार पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री का फोकस केवल पढ़ाई और परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं रहेगा। संवाद के दौरान इस बात पर भी चर्चा होगी कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ संस्कार, धर्म-संस्कृति, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी से किस तरह जोड़ा जा सकता है।
सरकार की सोच के मुताबिक शिक्षक बच्चों के जीवन में केवल विषयों का ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और सोच को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ा मार्गदर्शन देंगे।
शिक्षकों से जानेंगे शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत
वन-टू-वन संवाद के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षकों से सीधे उनके अनुभव और समस्याएं जानेंगे। स्कूलों में पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों, विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों और शिक्षा के स्तर को बेहतर करने से जुड़े सुझावों पर भी बातचीत होगी।
शिक्षकों से मिलने वाले सुझावों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उपयोगी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का उद्देश्य यह समझना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जमीनी स्तर पर किन कदमों की जरूरत है।
CM देंगे शिक्षकों को ‘गुरु मंत्र’
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षकों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण से जुड़ा ‘गुरु मंत्र’ भी देंगे। वे शिक्षकों की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा करेंगे और बताएंगे कि बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करने में शिक्षक किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।मुख्यमंत्री के संवाद में शिक्षा के साथ जीवन मूल्यों को जोड़ने पर भी जोर रहने की उम्मीद है।
स्कूली बच्चों से भी बातचीत करेंगे CM
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सिर्फ शिक्षकों से ही संवाद नहीं करेंगे, बल्कि स्कूली बच्चों से भी बातचीत करेंगे। वे विद्यार्थियों के साथ समय बिताकर उनकी पढ़ाई, रुचियों और अनुभवों के बारे में जानेंगे।मुख्यमंत्री बच्चों के साथ सेल्फी भी लेंगे, जिससे कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिलेगा। बच्चों से सीधे बातचीत के जरिए मुख्यमंत्री उनकी अपेक्षाओं और सोच को भी समझने का प्रयास करेंगे।
‘शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, भविष्य बनाते हैं’
शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश शिक्षकों की व्यापक भूमिका पर केंद्रित रहेगा। शिक्षक बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
इंदौर में होने वाला यह संवाद इसी सोच के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शिक्षा व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, संस्कार, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को भी महत्व दिया जाएगा। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री का सीधा संवाद शिक्षक दिवस के आयोजन को खास बनाएगा।






