[nishaanebaz.com] Indore Politics: इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में सियासी हलचल तेज हो गई है। नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम कराने को लेकर लंबे समय तक चली जद्दोजहद के बाद कांग्रेस ने अब रीजनल पार्क के सामने मैदान तय कर दिया है। मैदान में कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और कांग्रेस कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी बीच कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को न्योता देने की चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
नेहरू स्टेडियम नहीं मिला तो रीजनल पार्क के सामने मैदान फाइनल
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस लंबे समय से इंदौर के नेहरू स्टेडियम को लेकर प्रयास कर रही थी। अनुमति और मैदान को लेकर विवाद के बाद अब कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने स्थित ग्राउंड को कार्यक्रम के लिए तय किया है।
कांग्रेस की ओर से यहां मंच, बैठक व्यवस्था और अन्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पार्टी का कहना है कि मैदान बदलने से कार्यक्रम की तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और राहुल गांधी का कार्यक्रम तय योजना के मुताबिक आयोजित किया जाएगा।
सज्जन वर्मा को मिली कैलाश विजयवर्गीय को न्योता देने की जिम्मेदारी
कार्यक्रम से पहले हुई कांग्रेस की बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा को एक दिलचस्प जिम्मेदारी दी। उन्हें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके परिवार को राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता देने के लिए कहा गया।कांग्रेस की ओर से सामने आई इस जिम्मेदारी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि सज्जन सिंह वर्मा और कैलाश विजयवर्गीय के बीच राजनीतिक बयानबाजी पहले भी सुर्खियों में रही है।
न्योते पर सज्जन वर्मा का तंज- ‘वृद्धों की गूंज’ होगी तो घर जाएंगे
कैलाश विजयवर्गीय को न्योता देने की बात पर सज्जन सिंह वर्मा ने अपने अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर ‘वृद्धों की गूंज’ होगी, तो कैलाश विजयवर्गीय को बुलाने के लिए उनके घर जरूर जाएंगे।उनके इस बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी का एक और दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं से जुड़े संवाद के रूप में पेश किया जा रहा है।
सज्जन वर्मा बोले- युवाओं के भविष्य पर संवाद का कार्यक्रम
सज्जन सिंह वर्मा ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का पक्ष रखते हुए कहा कि इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद करना है। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं की समस्याओं, शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
वहीं, वर्मा ने नेहरू स्टेडियम को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधायक के बेटे के कार्यक्रम के लिए स्टेडियम में अनुमति दी गई, तब नियमों का हवाला क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की बात आने पर परमिशन और नियमों का मुद्दा उठाया गया।
स्टेडियम का मुद्दा बना सियासी बहस का केंद्र
नेहरू स्टेडियम को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच पहले से चल रही राजनीतिक बहस अब राहुल गांधी के कार्यक्रम के साथ और तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि स्टेडियम नहीं मिलने के बावजूद कार्यक्रम को लेकर तैयारियां नहीं रुकेंगी।रीजनल पार्क के सामने मैदान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। दूसरी ओर बीजेपी की ओर से इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
‘छात्रों की गूंज’ से पहले नेताओं के बयानों की गूंज
राहुल गांधी के कार्यक्रम का नाम भले ही ‘छात्रों की गूंज’ रखा गया है, लेकिन कार्यक्रम से पहले नेताओं के बयान ही राजनीतिक सुर्खियां बन रहे हैं। कैलाश विजयवर्गीय को न्योता देने की जिम्मेदारी सज्जन सिंह वर्मा को दिए जाने और उनके तंज के बाद इस कार्यक्रम का राजनीतिक रंग और गहरा हो गया है।अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस का यह न्योता वास्तव में राजनीतिक संवाद और सद्भाव का संदेश बनता है या फिर इंदौर की सियासत में कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी जुबानी जंग को और हवा देता है।






