[nishaanebaz.com] Indore News: इंदौर। शहर में यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। इंदौर से ग्वालियर जा रही एक वॉल्वो बस का ड्राइवर कथित तौर पर तय कानूनी सीमा से करीब 13 गुना अधिक शराब के नशे में बस चलाता मिला। उस समय बस में करीब 30 यात्री सवार थे। पुलिस की रैंडम चेकिंग में ड्राइवर की हालत सामने आने के बाद उसे कार्रवाई के लिए पकड़ लिया गया।सबसे गंभीर बात यह रही कि नशे की हालत में ड्राइवर दर्जनों यात्रियों को लेकर लंबी दूरी की यात्रा पर बस चला रहा था। अगर रास्ते में कोई बड़ी चूक होती, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
स्टार चौराहे पर पुलिस चेकिंग में खुली पोल
जानकारी के अनुसार, खजराना पुलिस स्टार चौराहे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान इंदौर से ग्वालियर जा रही वॉल्वो बस को जांच के लिए रोका गया।बस चालक की पहचान वीरेंद्र के रूप में बताई गई है। पुलिस को उसकी स्थिति संदिग्ध लगी, जिसके बाद ब्रेथ एनालाइजर से अल्कोहल की जांच कराई गई।जांच की रीडिंग देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
कानूनी सीमा 30 mg, जांच में मिला 390 mg अल्कोहल
पुलिस की जांच में ड्राइवर के शरीर में 390 mg/100 ml अल्कोहल पाया गया। वाहन चलाने के दौरान कानूनी रूप से निर्धारित सीमा 30 mg/100 ml है।यानी ड्राइवर के शरीर में अल्कोहल की मात्रा तय सीमा से करीब 13 गुना ज्यादा बताई गई। इतनी अधिक मात्रा में शराब के नशे में यात्रियों से भरी बस चलाना सीधे तौर पर उनकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।
बस में सवार थे करीब 30 यात्री
जिस समय पुलिस ने बस को रोका, उस वक्त उसमें करीब 30 यात्री मौजूद थे। यात्री इंदौर से ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे, लेकिन उन्हें शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि बस चला रहा ड्राइवर इतनी अधिक मात्रा में शराब के नशे में है।अगर पुलिस की रैंडम चेकिंग में यह मामला सामने नहीं आता, तो हाईवे पर किसी भी समय गंभीर स्थिति बन सकती थी।
ड्राइवर को पकड़ा, दूसरे चालक को बुलाकर बस रवाना की
पुलिस ने जांच के बाद नशे में मिले बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बस चलाने के लिए दूसरे ड्राइवर की व्यवस्था की गई और बस को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।पुलिस की इस कार्रवाई से एक संभावित गंभीर हादसे को टलने की बात कही जा रही है।
लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना लंबी दूरी की यात्री बसों में ड्राइवरों की नियमित जांच की जरूरत को भी सामने लाती है। यात्रियों से भरी बसों के चालकों की जिम्मेदारी सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि दर्जनों लोगों की जान सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की भी होती है।ऐसे में शराब के नशे में बस चलाना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि यात्रियों की जिंदगी को सीधे खतरे में डालना है।
पुलिस की चेकिंग ने टाला संभावित बड़ा हादसा
खजराना पुलिस की रैंडम चेकिंग में ड्राइवर के नशे में होने का खुलासा हुआ। अगर समय रहते बस को नहीं रोका जाता, तो तेज रफ्तार और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।इस घटना के बाद यात्री बसों के चालकों की नियमित ब्रेथ एनालाइजर जांच और परिवहन कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।





