रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Hospital Incident: मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित गांधी स्मारक चिकित्सालय में प्रसूता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में आखिरकार जिम्मेदार चिकित्सकों पर गाज गिर ही गई। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की सख्त फटकार और निर्देशों के बाद चिकित्सा महाविद्यालय के डीन ने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल तथा निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग की डॉक्टर निधि पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे पहले परिजनों द्वारा किए गए भारी हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले में लिप्त दो नर्सिंग अफसरों को भी सस्पेंड कर दिया था।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा के ग्राम हटवा (थाना वैकुंठपुर) निवासी श्रीमती कल्पना मिश्रा और उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु के प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि “अस्पतालों में मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व सम्मानजनक व्यवहार तथा निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त 2026 को तड़के लगभग 2:38 बजे कल्पना मिश्रा (पति अमित मिश्रा) को प्रसव हेतु गांधी स्मारक चिकित्सालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसी दिन देर रात करीब 11:55 बजे महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर घोर लापरवाही, समय पर इलाज न देने और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया था। परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक विशेष जांच समिति गठित की गई है।
प्रथम दृष्टया प्राप्त शिकायत, साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ड्यूटी चिकित्सक डॉ. सोनल अग्रवाल एवं डॉ. निधि पांडे को कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है, जबकि नर्सिंग अफसरों पर दुर्व्यवहार की पुष्टि के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। परिजनों की मांग पर मृतका एवं उसके शिशु का शव परीक्षण (Post-Mortem) जिला चिकित्सालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय रीवा की संयुक्त डॉक्टर टीम द्वारा कराया गया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद दोनों शवों को ससम्मान शव वाहन के जरिए उनके गृह ग्राम हटवा भेज दिया गया है।





