TET Protest Delhi: 7000 शिक्षकों को MP में रोका, दिल्ली में 600 शिक्षकों ने फिर खोला मोर्चा

Anuj Nirala

[nishaanebaz.com] TET Protest Delhi: भोपाल/नई दिल्ली: शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश से दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे करीब 7000 शिक्षकों को रोके जाने का दावा किया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षकों में नाराजगी है।

वहीं दिल्ली में आंदोलन का रास्ता नहीं रुका। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद रविवार को शिक्षकों ने जाट मित्र मंडल, केशवपुरम मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन में मध्यप्रदेश से करीब 600 शिक्षक शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

दिल्ली जाने से पहले ही रोक दिए गए हजारों शिक्षक

टीईटी के खिलाफ शिक्षक प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर मध्यप्रदेश में देखने को मिला। शिक्षकों का आरोप है कि दिल्ली जाकर अपनी मांग रखने के लिए निकल रहे करीब 7000 शिक्षकों को रास्ते में ही रोक दिया गया।शिक्षकों का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन दिल्ली जाने से रोकने के बाद आंदोलन को लेकर उनका गुस्सा और बढ़ गया है।

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जंतर-मंतर की अनुमति नहीं मिली तो बदली जगह

दिल्ली में टीईटी विरोध प्रदर्शन के लिए शिक्षकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। हालांकि, वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद आंदोलन की जगह बदल दी गई।रविवार को शिक्षक केशवपुरम मेट्रो स्टेशन के पास जाट मित्र मंडल क्षेत्र में जुटे। यहां मध्यप्रदेश के करीब 600 शिक्षक प्रदर्शन में शामिल हुए और TET की अनिवार्यता के खिलाफ आवाज उठाई।

शिक्षक नेताओं ने सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान शिक्षक नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर उनकी मांग को लेकर एक-दूसरे के पास भेजने का आरोप लगाया।शिक्षक नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्या का समाधान तलाश रहे हैं, लेकिन उन्हें हर स्तर पर अलग जवाब मिल रहा है।टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन कर रहे शिक्षकों का सवाल है कि आखिर वे अपनी मांग लेकर जाएं तो जाएं कहां।

‘सुप्रीम कोर्ट ने संसद जाने को कहा, संसद ने राज्य सरकारों की ओर भेजा’

शिक्षक नेताओं के अनुसार, जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया तो उन्हें संसद की ओर जाने की बात कही गई।इसके बाद शिक्षकों ने सांसदों से संपर्क किया और अलग-अलग राज्यों के सांसदों से इस मुद्दे पर पत्र भी लिखवाए। जब मामला संसद तक पहुंचा तो शिक्षकों के मुताबिक जवाब मिला कि संबंधित शक्तियां राज्य सरकारों को दी गई हैं और राज्य सरकारें इस विषय पर फैसला ले सकती हैं।इसके बाद शिक्षक राज्य सरकारों तक पहुंचे।

विधानसभा के जवाब ने फिर बढ़ाई परेशानी

मध्यप्रदेश शिक्षक टीईटी प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपनी मांग विधानसभा के स्तर पर भी रखी।शिक्षक नेताओं का दावा है कि वहां से जवाब मिला कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन कर रही है।इसी बात को लेकर शिक्षक अब सवाल उठा रहे हैं कि जब सुप्रीम कोर्ट संसद की ओर और संसद राज्य सरकारों की ओर भेजती है, तो आखिर उनकी समस्या का समाधान कौन करेगा?

‘हम जाएं तो कहां जाएं?’

प्रदर्शन में शिक्षक नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी स्थिति ऐसी हो गई है कि हर जगह से उन्हें दूसरी जगह भेजा जा रहा है।उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट कहता है संसद जाएं, संसद से राज्य सरकारों की बात होती है और विधानसभा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देती है।शिक्षकों का सवाल है—“हम जाएं तो कहां जाएं?”

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आंदोलन आगे बढ़ने के संकेत

TET Protest Delhi के बीच मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक शिक्षकों की सक्रियता बढ़ गई है। एक तरफ हजारों शिक्षकों को दिल्ली जाने से रोके जाने का दावा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में मौजूद शिक्षक प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।फिलहाल शिक्षकों की मुख्य मांग TET की अनिवार्यता से जुड़ी है। आंदोलनकारी शिक्षक चाहते हैं कि सरकार उनकी स्थिति पर स्पष्ट फैसला ले और उन्हें बार-बार अलग-अलग स्तर पर भेजने के बजाय इस मुद्दे का समाधान किया जाए।आने वाले दिनों में इस आंदोलन का रुख क्या होगा और सरकार की ओर से इस पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र की भी नजर बनी हुई है।

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