निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारत में आर्थिक अपराधी घोषित ललित मोदी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 22 दिसंबर को सामने आए एक वायरल वीडियो में वे भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के साथ नजर आए थे। इस वीडियो में ललित मोदी ने खुद को और विजय माल्या को “भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े” बताया था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इस पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
वीडियो विवाद के बाद ललित मोदी ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद ललित मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर सफाई देते हुए माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि अगर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, खासकर भारत सरकार की, तो वे इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। ललित ने यह भी कहा कि उनके बयान का आशय वैसा नहीं था, जैसा उसे समझा गया और किसी भी तरह की गलतफहमी के लिए वे फिर से माफी मांगते हैं।
I apologise if I have hurt anyone feelings especially the Indian Government who I have the highest respect and regard for. The statement was misconstrued and was never intended to be as played out. Once again my deepest apologies
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi) December 29, 2025
क्या था वायरल वीडियो में
यह वीडियो विजय माल्या के जन्मदिन का बताया जा रहा है, जिसे खुद ललित मोदी ने पोस्ट किया था। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा था, “चलो, फिर से इंटरनेट हिला देते हैं। खासकर आप मीडिया वालों के लिए।” वीडियो में विजय माल्या अपनी पार्टनर पिंकी लालवानी के साथ मुस्कुराते नजर आए, जबकि ललित मोदी मजाकिया अंदाज में दोनों को भगोड़ा कह रहे थे।
विजय माल्या और ललित मोदी का कानूनी स्टेटस
विजय माल्या वर्ष 2016 से ब्रिटेन में रह रहा है और 2019 में उसे आधिकारिक रूप से भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। वहीं ललित मोदी 2010 से विदेश में है। उस पर टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और आईपीएल से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं।
भारत से क्यों भागा था ललित मोदी
ललित मोदी 2005 से 2009 तक राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहा और 2008 में उसने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत की। 2010 में आईपीएल में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद बीसीसीआई ने उसे सस्पेंड कर दिया। आरोप थे कि उसने मॉरीशस की एक कंपनी को 425 करोड़ का ठेका देकर भारी कमीशन लिया। इसके बाद अंडरवर्ल्ड से धमकियों का हवाला देकर वह लंदन भाग गया। प्रवर्तन निदेशालय ने उसके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया और पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया।













