Khunti Soma Munda Case : खूंटी (झारखंड)। झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए बहुचर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य शूटर समेत 6 आरोपियों को दबोच लिया है। एसपी मनीष टोप्पो ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या के पीछे जमीन विवाद और निजी रंजिश का एक घातक गठजोड़ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को खूंटी की सड़कों पर पैदल मार्च कराया, जिसे देखने के लिए आम जनता का हुजूम उमड़ पड़ा।
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू मुख्य शूटर मारकुस संगा (20 वर्ष) की पहचान है। जांच में पता चला है कि मारकुस कभी सोमा मुंडा द्वारा संचालित स्कूल का छात्र था। साल 2022 में अनुशासनहीनता के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था, जिसका बदला लेने के लिए वह मौके की तलाश में था। जमीन कारोबारी दानियल संगा ने मारकुस की इसी नाराजगी का फायदा उठाया और उसे ₹50,000 की सुपारी व हथियार देकर हत्या के लिए उकसाया।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक सोमा मुंडा और हुटार चौक निवासी दानियल संगा के बीच पिछले 12 वर्षों से 14 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सोमा मुंडा ग्राम सभा के प्रमुख होने के नाते अवैध जमीन कारोबार के खिलाफ खड़े रहते थे। हाल ही में नवंबर-दिसंबर 2025 में उनके हस्तक्षेप के कारण 32 एकड़ जमीन की एक बड़ी डील रुक गई थी, जिससे भू-माफिया उनसे बेहद नाराज थे। इसी रंजिश के चलते 7 जनवरी को जब सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ घर लौट रहे थे, तब जमुआदाग तालाब के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान हत्या में इस्तेमाल देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, पल्सर मोटरसाइकिल, रेकी में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुंडा जनजाति की पारंपरिक पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) की हत्या से पूरे क्षेत्र में उबाल था। पुलिस द्वारा आरोपियों का बीच सड़क परेड कराए जाने को जनता के बीच कानून का इकबाल कायम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एसपी ने साफ किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।













