Kharora News : रोहित वर्मा /खरोरा : ग्राम केवतरा बाजार चौक स्थित रामलीला मंच में आयोजित शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का रसपान किया। 27 जनवरी से 3 फरवरी तक चल रही इस शिवपुराण महाकथा में कथा वाचक पंडित गिरीश शर्मा (छत्तीसगढ़) द्वारा शिव-पार्वती विवाह प्रसंग की गूढ़ आध्यात्मिक विवेचना की गई।
Kharora News : कथा के दौरान पंडित गिरीश शर्मा ने कहा कि उमा-महेश्वर स्वयं जगत पिता और जगत माता हैं, जिनके गुण और स्वरूप की तुलना ब्रह्मांड का कोई भी देवी-देवता अथवा संसार का कोई भी नर-नारी नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि जगत कल्याण और लौकिक आनंद की अनुभूति कराने हेतु निर्गुण-निरंजन परमेश्वर ने सगुण स्वरूप धारण कर विवाह लीला का दर्शन कराया। हिमालय राज की पुत्री के रूप में माता पार्वती अवतरित हुईं और अजन्मा भगवान शिव ने उनसे विवाह कर लोकरीति एवं श्रुति धर्म का आदर्श प्रस्तुत किया।
Kharora News : कथा में यह भी बताया गया कि स्वयं प्रकृति देवी स्त्री रूप में और स्वयंभू महेश्वर परम पुरुष रूप में प्रकट होकर संसार को पति-पत्नी के पवित्र वैवाहिक धर्म का संदेश देते हैं। इस अवसर पर यज्ञ आयोजन कर्ता श्री महाकाल परिवार एवं समस्त ग्रामवासी केवतरा द्वारा दान-धर्म कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। श्रद्धालुओं ने स्वर्ण, वस्त्र, बर्तन, अन्न एवं धनराशि आदि दहेज स्वरूप शिव चरणों में अर्पित की।
Kharora News : महाकथा के दौरान भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। शिव भक्तों ने सुंदर झांकियों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया और विभिन्न भेंट सामग्री शिव महापुराण में अर्पित की। शिव-पार्वती विवाह उत्सव को पूरे हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।











