Jitu Patwari Statement : भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज राजधानी में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर जमकर प्रहार किया। पटवारी ने भोजशाला विवाद से लेकर मंत्रियों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों तक, हर मुद्दे पर सरकार को घेरा।
भोजशाला मामले पर स्पष्ट स्टैंड: धार की ऐतिहासिक भोजशाला में चल रहे सर्वे और विवाद पर पटवारी ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह हमारी संस्कृति, सभ्यता और भाईचारे की रक्षा करे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ‘न्यायसंगत’ बताते हुए कहा, “कांग्रेस का स्टैंड स्पष्ट है—हिंदुओं को उनके समय पर पूजा और मुसलमानों को नमाज की अनुमति मिलनी चाहिए। अब यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कोर्ट के निर्देशों का पालन कराए और जो लोग कोर्ट से बाहर जाकर माहौल खराब कर रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटे।”
सांसद आलोक शर्मा और मेट्रो विवाद: भोपाल सांसद आलोक शर्मा द्वारा मेट्रो प्रोजेक्ट के स्वरूप (एलिवेटेड बनाम भूमिगत) को लेकर दिए गए बयानों पर पटवारी ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “भोपाल सांसद को विकास की समझ नहीं है, वे रोज अपना मत बदलते हैं। कभी उन्हें एलिवेटेड में भ्रष्टाचार दिखता है, तो कभी भूमिगत में। हकीकत यह है कि भाजपा नेता उसी योजना को चुनेंगे जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार करने का ज्यादा मौका मिलेगा।”
मंत्री विजय शाह से मांगा इस्तीफा: कैबिनेट मंत्री विजय शाह के मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के रुख पर पटवारी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर अब तक विजय शाह का इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया? पटवारी ने कहा, “जब देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने उन्हें अपराधी करार दे दिया है, तो वे अब तक मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं? यह नैतिकता का हनन है।”













