Jio IPO : नई दिल्ली। Jio Platforms IPO में निवेश करने वालों के लिए 23 अक्टूबर को आवेदन का आखिरी दिन है। आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखने को मिला है। दूसरे दिन कारोबार खत्म होने तक इश्यू 5.57 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। वहीं, ग्रे मार्केट में करीब 21% लिस्टिंग गेन की संभावना जताई जा रही थी। ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग के समय मुनाफा कमाकर निकलना बेहतर होगा या कंपनी के भविष्य को देखते हुए लंबे समय तक निवेश बनाए रखना चाहिए।
23 अक्टूबर की सुबह 9:10 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ को 1,12,20,21,276 शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये बताई गई। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी 13.29 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) श्रेणी में 6.32 गुना और रिटेल निवेशकों की श्रेणी में 1.60 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। मौजूदा शेयरधारकों की श्रेणी 4.21 गुना और रिलायंस कर्मचारियों की श्रेणी 2.15 गुना सब्सक्राइब हुई थी।
Jio IPO : 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
Jio Platforms इस आईपीओ के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना के साथ बाजार में उतरी है। कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ में न्यूनतम 12 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है और इसके बाद 12 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकती है।
निवेशकों के लिए आवेदन की समयसीमा और UPI भुगतान की मंजूरी से जुड़े समय का ध्यान रखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन की समयसीमा 23 अक्टूबर शाम 5 बजे और UPI मैंडेट की मंजूरी की समयसीमा शाम 7 बजे तक बताई गई थी।
ब्रोकरेज की राय सकारात्मक, लेकिन GMP पर भरोसा करना कितना सही?
कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति, कारोबार बढ़ाने की संभावनाओं और वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए आईपीओ पर सकारात्मक रुख अपनाया है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम में उतार-चढ़ाव जारी है। 23 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों में करीब 240 रुपये के GMP के आधार पर लगभग 21.45% संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया गया था।
सेबी में रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और Nyvo Money के संस्थापक हर्ष सोनी के मुताबिक, आईपीओ में निवेश का फैसला सिर्फ लिस्टिंग के दिन होने वाले संभावित मुनाफे के आधार पर नहीं करना चाहिए। एक दिन का रिटर्न बाजार की चाल पर निर्भर करता है, जबकि लंबी अवधि में निवेश के लिए कंपनी के कारोबार, कमाई और विकास की संभावनाओं को समझना जरूरी है।
जियो का कारोबार कितना मजबूत है?
Jio Platforms के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का ग्राहक आधार 533.3 मिलियन बताया गया है। इनमें 284.9 मिलियन ग्राहक 5G सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। भारतीय वायरलेस डेटा ट्रैफिक में भी कंपनी की हिस्सेदारी करीब 60% बताई गई है। कंपनी 5G नेटवर्क, होम ब्रॉडबैंड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाओं का विस्तार कर रही है। इन क्षेत्रों में बढ़ोतरी भविष्य में कमाई के नए अवसर पैदा कर सकती है। हालांकि, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि कंपनी प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) बढ़ाने, डेटा खपत से अतिरिक्त राजस्व जुटाने और कर्ज कम करने में कितनी सफल रहती है।
निवेश से पहले इन जोखिमों को भी समझें
जियो के कारोबार के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। टैरिफ बढ़ने से कंपनी की कमाई में इजाफा हो सकता है, लेकिन महंगे प्लान ग्राहकों को दूसरी दूरसंचार कंपनियों की ओर जाने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रतिस्पर्धा, नियामकीय बदलाव और नेटवर्क विस्तार पर होने वाला भारी खर्च कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। कंपनी के पूंजी पर रिटर्न (Return on Capital) में भी गिरावट का उल्लेख किया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, यह FY24 में 12.83% से घटकर FY26 में 10.76% रह गया। ऐसे में निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी है कि कंपनी अपनी पूंजी का इस्तेमाल करके कितनी प्रभावी ढंग से कमाई बढ़ा पाती है।
लिस्टिंग पर बेचें या लंबे समय तक रखें शेयर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका फैसला निवेशक के वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है।
– लिस्टिंग गेन के लिए निवेश करने वाले निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP के अनुमान के मुताबिक वास्तविक मुनाफा मिलना जरूरी नहीं है। शेयर की लिस्टिंग उम्मीद से कमजोर भी हो सकती है।
– लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी, वैल्यूएशन, कर्ज, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की कारोबारी योजनाओं का आकलन करना चाहिए।
– निवेश से पहले आईपीओ के दस्तावेज पढ़ना और अपनी वित्तीय जरूरतों के अनुसार फैसला लेना जरूरी है। लंबी अवधि का निवेश तभी करें, जब संबंधित पैसा कई वर्षों तक इस्तेमाल करने की जरूरत न हो।
Jio IPO : कुल मिलाकर, जियो की मजबूत डिजिटल मौजूदगी और विकास की संभावनाएं निवेशकों को आकर्षित कर सकती हैं, लेकिन केवल आईपीओ के अधिक सब्सक्रिप्शन या ग्रे मार्केट प्रीमियम को निवेश का आधार बनाना उचित नहीं होगा। लिस्टिंग पर मुनाफा कमाने और लंबे समय में संपत्ति बनाने, दोनों के लिए अलग-अलग रणनीति की जरूरत होती है। यह जानकारी केवल सामान्य समाचार और निवेश संबंधी जानकारी के उद्देश्य से है, इसे शेयर खरीदने या बेचने की व्यक्तिगत सलाह न माना जाए।