Jhabua News :झाबुआ ; आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में आज भी लोग किस तरह की परेशानियो का सामना कर रहे है यहाँ की ये बोलती तस्वीरे साफ बया कर रही हैं…. कि यहाँ का विकास कहा हैं क्या सिर्फ कागजों में ही विकास दिखता हैं या इसे ही विकास कहते है ….पूरा मामला जिले की ग्राम पंचायत बामनिया के गाँव काजलिया का हैं यहाँ करीबन 700 घर हैं और इस गाँव मे करीबन 2000 से 2500 हजार लोग निवास करते हैं और कैसे ये लोग अपनी जिंदगी जीने को मजबूर हैं…
Jhabua News :इसी गांव के बीचों बीच बह रही नदी के बहते पानी मे कैसे स्कूल के बच्चे व गांव के लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर निकले को मजबूर हैं…ये हम नही कह रहे ये तस्वीरें बया कर रही हैं कि काजलिया गांव में ये कैसा विकास हुआ है लोग आज भी अपने गांव में विकास की राह देख रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे है की उनकी परेशानी भी दूर हो …लोगो का कहना हैं कि कई बार इसे लेकर अधिकारियों को भी अवगत करवाया दिया गया हैं लेकिन समस्या का कोई समाधान नही हुआ इन लोगो की समस्या आज भी जैसे की तैसी बनी हुई हैं…क्या इस तस्वीरों को देख कर यहाँ के जनप्रतिनिधि और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को दया तक नही आ रही हैं स्कूल के छात्र छात्राये ओर ग्रामीण कब तक अपनी जान जोखिम में डालते रहेगे क्या प्रशासन इस ओर सुध लेगा या युही स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल विद्या अध्ययन के लिए निकलते रहेगे
Jhabua News :ग्रामीणों छात्राओ का कहना है की उन्हें काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है तो कभी कभी कपड़े भी भीग जाते है और बस्ते भी गीले हो जाते है और हमेशा डर बना रहता है कि नदी मे पानी न बढ़ जाये,ओर कभी कभी पानी ज्यादा होने की वजह से स्कूल भी नहीं जा पाते हमारी सरकार से मांग की पुलिया जल्द बन जाये
Jhabua News :वही ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी अधिकारी आये थे मगर उसके बाद आज तक उन्होंने इस ओर मुड़ के नही देखा हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है ऐसे में बच्चे स्कूल जाए तो कैसे
Jhabua News :वही इस मामले में जनपद सीईओ से चर्चा की तो उनका कहना था कि आपके द्वारा मामला सज्ञान में आया हैं ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के एई के साथ स्वयं जाकर उस समस्या का निराकरण करने का प्रयास करूंगा व वरिष्ठ कार्यालय को भी अवगत करवाऊंगा
Jhabua News :क्या हर बार लोक तन्त्र का चौथा स्तम्भ के जगाने के बाद ही अधिकारियों की नीद खुलती है और हर बार रटा रटाया जवाब ही क्यों मिलता है आखिर कब अधिकारी अपने ऑफिस की चार दिवारियो से बाहर निकलगे ओर इन ग्रामीणों की समस्या हल होगी यह एक बड़ा सवाल है…?









