Jal Vihar Colony Raipur Dispute : बिलासपुर/रायपुर (02 मार्च 2026): राजधानी रायपुर की प्रतिष्ठित जल विहार कॉलोनी में आवासीय प्लॉटों पर धड़ल्ले से चल रहे कमर्शियल निर्माण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाए हैं। कॉलोनीवासियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण करें और अपनी विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट को सौंपें।
शांतिपूर्ण इलाके में बढ़ा ‘कैफे और शराब’ का आतंक कॉलोनी के रहवासियों का आरोप है कि जल विहार को मूल रूप से पूर्णतः आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया था। लेकिन पिछले कुछ समय से नियमों को ताक पर रखकर यहाँ कैफे, दुकानें और अन्य कमर्शियल सेंटर खोल दिए गए हैं। इसके चलते बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, पार्किंग की गंभीर समस्या पैदा हो गई है और देर रात तक होने वाली शराबखोरी ने महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गार्डन की जमीन पर कब्जे का भी आरोप विवाद का एक बड़ा सिरा कॉलोनी के सार्वजनिक गार्डन से भी जुड़ा है। स्थानीय लोगों ने कोर्ट को बताया कि गार्डन की जमीन एक निजी कंपनी को सौंपने की साजिश रची गई और विरोध करने पर वहां से बच्चों के झूले तक हटा दिए गए। रहवासियों का कहना है कि यह उनकी कॉलोनी की पहचान मिटाने की कोशिश है।
12 मार्च को अगली सुनवाई हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आवासीय क्षेत्र की मूल प्रकृति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि निर्माणाधीन दुकानों और संचालित कैफे पर बुलडोजर चलेगा या नहीं। मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 12 मार्च 2026 को तय की गई है। तब तक के लिए कोर्ट ने सभी पक्षों को नियमों का पालन करने और यथास्थिति बनाए रखने के संकेत दिए हैं।











