Jagdish Dawar Retirement : बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर शनिवार को 31 वर्षों की पुलिस सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। हालांकि, उनका विदाई समारोह किसी पारंपरिक सरकारी कार्यक्रम के बजाय किसी बड़े राजनीतिक नेता के शक्ति प्रदर्शन जैसा नजर आया। पूरे बड़वानी शहर को स्वागत द्वारों, पोस्टरों और बैनरों से पाट दिया गया था, जिसने इस चर्चा को जन्म दे दिया है कि क्या एसपी डाबर अब राजनीति के मैदान में अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।
मूलतः बड़वानी के निवाली क्षेत्र के निवासी डाबर की अपने ही गृह जिले में एसपी के रूप में तैनाती हमेशा से चर्चा का विषय रही है। उनके कार्यकाल को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं, लेकिन उनके मिलनसार स्वभाव ने उन्हें आम जनता और खास तौर पर आदिवासी समुदाय के बीच लोकप्रिय बना दिया। शनिवार को सरलम वाटिका में आयोजित भव्य प्रीतिभोज और सम्मान समारोह में जिस तरह से व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भीड़ उमड़ी, उसने विदाई को एक उत्सव में बदल दिया।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तब और बढ़ गई जब भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव और कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई जैसे दिग्गज नेता एक साथ उन्हें विदाई देने पहुँचे। एसपी डाबर का परिवार पहले से ही स्थानीय राजनीति में सक्रिय है और उनके भतीजे विकास डाबर भाजपा के प्रभावशाली युवा नेता माने जाते हैं। विदाई समारोह में उमड़ी भारी भीड़ और आदिवासी वाद्य यंत्रों की गूँज ने इसे महज एक प्रशासनिक विदाई के बजाय ‘सियासी रिहर्सल’ के रूप में स्थापित कर दिया है।
जानकारों का कहना है कि जगदीश डाबर अपने करीबी हलकों में विभिन्न राजनीतिक दलों से मिल रहे ‘ऑफर’ की चर्चा करते रहे हैं। बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिले में उनकी अच्छी पकड़ और गृह क्षेत्र का निवासी होना उन्हें किसी भी दल के लिए एक मजबूत प्रत्याशी बना सकता है। फिलहाल वर्दी उतरने के बाद डाबर ने अपने भविष्य के पत्तों को पूरी तरह नहीं खोला है, लेकिन शहर में चल रही चर्चाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी अगली पारी पर सबकी नजर रहेगी।
एसपी के रूप में अपनी अंतिम पारी को उन्होंने ‘सीनियर पुलिस अधीक्षक’ के पद के साथ समाप्त किया। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि क्या वे निमाड़ की राजनीति में किसी नए समीकरण को जन्म देंगे या समाजसेवा के माध्यम से अपनी सक्रियता बनाए रखेंगे। फिलहाल, उनकी इस भव्य विदाई ने बड़वानी के सियासी तापमान को जरूर बढ़ा दिया है।











