Jabalpur Water Quality Issue : जबलपुर: मध्य प्रदेश के इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों के बाद प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही कांग्रेस ने आज जबलपुर में पेयजल की गुणवत्ता की पड़ताल की। रसल चौक स्थित एक घर में जैसे ही शाम को नल चालू हुआ, साफ पानी की जगह गाढ़ा मटमैला और गंदा पानी बहने लगा। यह नजारा उस दावे के ठीक उलट था जो हाल ही में नगर निगम कमिश्नर और महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर किया था।
निगम के दावों की खुली पोल
क्षेत्रीय निवासी राजेंद्र जी ने बताया कि उनके घर में पिछले एक साल से गंदा पानी आ रहा है। उन्होंने नगर निगम में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन प्लंबर आकर खानापूर्ति कर चले गए। राजेंद्र का कहना है कि पानी इतना प्रदूषित है कि उसे पीने से वे बीमार तक पड़ चुके हैं। यह स्थिति उस शहर की है जिसे स्मार्ट सिटी और स्वच्छता में अव्वल बनाने के दावे किए जा रहे हैं।
सियासी जुबानी जंग: “भाजपा में जाते ही पानी साफ हो गया?”
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब से महापौर भाजपा में शामिल हुए हैं, शायद उन्हें सब कुछ साफ नजर आने लगा है। मैं उन्हें निमंत्रण देता हूं कि वे खुद हमारे साथ आकर रसल चौक का पानी देखें।” शर्मा ने पुरानी यादें ताजा कराते हुए कहा कि कभी वर्तमान महापौर खुद कांग्रेस में रहते हुए गंदे पानी के मुद्दे पर पूर्व महापौर स्वाति सदानंद गोडबोले के घर का घेराव करने उनके साथ जाया करते थे।
महापौर का पलटवार
मामले को बढ़ता देख महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने भी चुनौती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीति न करे, बल्कि उनके साथ मिलकर शहर के विभिन्न हिस्सों में ‘रियलिटी चेक’ करे ताकि हकीकत सामने आ सके।











