जबलपुर : जबलपुर में नर्मदा नदी की स्वच्छता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया है कि शहर में नर्मदा नदी में बिना फिल्टर किया गया सीवेज पानी सीधे मिल रहा है। उन्होंने इसे न सिर्फ पर्यावरण बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बताया है।
पेयजल सप्लाई के बेहद करीब सीवेज मिलने का दावा
दिग्विजय सिंह के अनुसार, जिस स्थान पर सीवेज नर्मदा में गिर रहा है, वहां से महज 500 मीटर की दूरी पर पेयजल की सप्लाई की जाती है। ऐसे में दूषित जल के कारण जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह एक बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकता है।

घाटों के पास सीवेज टैंक, नर्मदा की पवित्रता पर सवाल
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि जबलपुर के कुछ घाटों के पास सीवेज टैंक बनाए गए हैं, जिससे सीधे नदी में गंदा पानी जा रहा है। यह स्थिति नर्मदा की पवित्रता और जैव विविधता के लिए घातक मानी जा रही है।
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मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
नर्मदा प्रदूषण को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में तत्काल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवनरेखा है।
ईको-फ्रेंडली प्रबंधन की जरूरत
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को सही ढंग से संचालित नहीं किया गया, तो नर्मदा का जलस्तर और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगे। स्वच्छ नदियां, सुरक्षित पेयजल और टिकाऊ विकास के लिए ईको-फ्रेंडली सीवेज मैनेजमेंट अब अनिवार्य हो चुका है।













