Jabalpur High Court Tiger Notice : जबलपुर: ‘टाइगर स्टेट’ के नाम से मशहूर मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। साल 2025 में प्रदेश में हुई रिकॉर्ड 54 बाघों की मौतों और उनके अंगों की तस्करी के गंभीर आरोपों पर माननीय उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह याचिका प्रसिद्ध एनवायरमेंटल एक्टिविस्ट अजय दुबे द्वारा दायर की गई है। याचिका में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश के जंगलों में बाघों का न केवल शिकार हो रहा है, बल्कि उनके शरीर के अंगों (दांत, खाल और हड्डियाँ) को अवैध रूप से नेपाल और चीन के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तस्करी किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मौजूदा सुरक्षा तंत्र इन अंतरराष्ट्रीय शिकारी गिरोहों को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने हाई कोर्ट के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि बाघों की मौत के पीछे केवल शिकार ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचों की कमी भी एक बड़ा कारण है। उन्होंने विशेष रूप से रातापानी टाइगर रिजर्व का मुद्दा उठाते हुए मांग की है कि वहां रेलवे ट्रैक पर अंडरब्रिज का निर्माण किया जाए, ताकि आए दिन रेल हादसों में होने वाली बाघों की मौतों को रोका जा सके।
हाई कोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने पूछा है कि बाघों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और मौतों का यह आंकड़ा कम होने के बजाय बढ़ क्यों रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी, जिसमें सरकारों को अपना विस्तृत शपथ-पत्र पेश करना होगा।













