जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और दुख की इस घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री घायलों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
मां-बेटे की तस्वीर ने हर किसी को रुलाया
बरगी डैम हादसे से जुड़ी कई भावुक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।हादसे में एक महिला और उसके चार साल के बेटे की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम को दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। बताया जा रहा है कि मां ने आखिरी समय तक अपने बेटे को सीने से लगाए रखा।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली से एक परिवार जबलपुर घूमने आया था। परिवार के पिता प्रदीप सैसी और बेटी सिया को तो बचा लिया गया, लेकिन मां मरीना मैसी और उनका चार साल का बेटा हादसे का शिकार हो गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
हादसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी
क्रूज हादसे के बाद अब बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। हादसे से पहले का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कई यात्री क्रूज पर बिना लाइफ जैकेट के बैठे दिखाई दे रहे हैं।
जबकि नियमों के अनुसार:
- हर यात्री को लाइफ जैकेट देना अनिवार्य होता है
- क्रूज स्टाफ की जिम्मेदारी होती है कि यात्री जैकेट पहनें
लेकिन वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था।
29 लोगों को बचाया गया, 9 शव बरामद
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि मौसम में आए चक्रवातीय बदलाव के कारण यह दुर्घटना हुई।
उन्होंने कहा:
- हादसे में अब तक 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है
- 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं
- राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- NDRF
- SDRF
- प्रशासनिक अधिकारी
- मंत्री धर्मेंद्र लोधी और राकेश सिंह
मौके पर मौजूद हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
हादसे की होगी उच्चस्तरीय जांच
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस पूरे हादसे की जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
- खराब मौसम में क्रूज संचालन क्यों जारी रखा गया
- यात्रियों को सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए गए
- क्षमता से अधिक लोग तो सवार नहीं थे
पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बरगी डैम हादसे ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर संचालित जल गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- बोट और क्रूज संचालन की नियमित जांच होनी चाहिए
- मौसम खराब होने पर संचालन तुरंत रोका जाना चाहिए
- सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना जरूरी है
ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।











